दो नवंबर को रहेगी एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल, मरीजों को होगी परेशानी
हापुड़। मानदेय समेत अनेक मांगों के निस्तारण को लेकर जिले में एंबुलेंस कर्मचारी दो नवंबर को हड़ताल पर रहेंगे। ऐसे में मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। कर्मचारियों ने शासन पर अनदेखी का आरोप लगाया है।
एंबुलेंस कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष चौधरी विकास कुमार ने बताया कि सभी एंबुलेंस चालक 102, 108 एवं एएलएम के कर्मचारी कोरोना जैसी वैश्विक महामारी में जी-जान से मेहनत कर आम जनमानस की सेवा कर रहे हैं। लेकिन इसके बाद भी सेवा प्रदान कंपनी सरकार से कुछ अनुबंध शर्तों का उल्लंघन करते हुए न्यूनतम वेतन दे रही है। साथ ही 12-12 घंटे काम लेकर 4 घंटे के अतिरिक्त कार्य के लिए जाने का ओवरटाइम मजदूरी देती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन ने इस अनुचित प्रतिज्ञा से 2012 से लेकर अब तक पीएफ ईएसआई के पद में करोड़ों रुपए बचाएं हैं। इसी प्रकार ईपीएफओएस में अपने पद का पैसा बचाने के लिए जो भी खेल किया है। वेतन से ईपीएफओआरएस का अंशदान कटौती के बाद भी समय पर जमा नहीं करते हैं। प्रतिमाह 10 तारीख के अंदर वेतन मिल जाना चाहिए लेकिन, कंपनी कई-कई माह तक मानदेय नहीं देती है।
कंपनी ने अपर आयुक्त समक्ष पात्र कर्मचारियों को गेच्युटी भुगतान कर देने का आश्वासन दिया था। जो अभी तक भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने दो नवंबर से पहले समस्या का समाधान न होने पर धरना प्रदर्शन कर हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।
कोट
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रेखा शर्मा ने बताया कि एंबुलेंस कर्मियों की समस्याओं का समाधान कराने की उच्चस्तर पर कोशिश की जा रही हैं।