रसूलपुर में अंडरपास को ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट में किया हंगामा
हापुड़। रसूलपुर में अंडरपास को लेकर अब ग्रामीणों के सब्र का बांध टूटने लगा है। शनिवार को आरटीआई एसोसिएशन ऑफ इंडिया के बैनर तले ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर हंगामा किया और कार्यदायी संस्था पर गलत तरीके से अंडरपास बनाने का आरोप लगाया। अंडरपास की ऊंचाई और चौड़ाई को मानक विपरीत बताकर, जांच और कार्रवाई की मांग उठाई गई। इस मामले में ग्रामीणों ने सड़क एवं राज्य परिवहन मंत्री को भी पत्र लिखा है।
गौरतलब है कि हापुड़ बक्सर हाईवे पर रसूलपुर में ग्रामीण सात मीटर ऊंचाई और 15 मीटर चौड़ाई के अंडरपास की मांग कर रहे हैं। लेकिन एनएचएआई द्वारा यहां सात मीटर चौड़ाई और तीन मीटर ऊंचाई का अंडरपास ही स्वीकृत किया गया है। इसके विरोध में बीते दिनों ग्रामीणों ने काम रुकवाकर धरना प्रदर्शन शुरू किया था। हालांकि पुलिस और प्रशासन ने ग्रामीणों को धरने से खदेड़ दिया और अंडरपास का निर्माण शुरू करा दिया था।
रसूलपुर मार्ग से होकर सिकंदरपुर काकोड़ी, नूरपुर मंढैया, भमैडा, लुखराड़ा, शेखपुर, जैदपुर, मिलकपुर, यादनगर, टियाना, परतापुर, शेरपुर, शहदपुर, खैरपुर, पलवल आदि गांवों को रास्ता जाता है। आस पास के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर गन्ने की खेती होती है। ऐसे में एनएचएआई द्वारा प्रस्तावित तीन मीटर ऊंचाई का अंडरपास ट्रक, गन्ने से लदी ट्रॉलियों के आवागमन में बाधा पहुंचाएगा। इसी का ग्रामीण विरोध कर रहे हैं।
क्योंकि एक बार यदि हाईवे निर्माण पूरा हो गया तो इस अंडरपास की ऊंचाई बढ़ाना मुश्किल हो जाएगा। इसके विरोध में शनिवार को आरटीआई एसोसिएशन ऑफ इंडिया के आह्वान पर ग्रामीण कलक्ट्रेट पहुंचे और हंगामा किया। कार्यदायी संस्था पर कार्य में अनियमितता का आरोप लगा, जांच की मांग उठाई। साथ ही अंडरपास की ऊंचाई पांच मीटर और चौड़ाई 15 मीटर कराने की मांग की।
ज्ञापन देने वालों में सुभाष पाल, कर्मवीर सिंह, बालेश्वर आर्य, राजेंद्र सैनी, विजयपाल जाटव, जयवीर सिंह, महानंद त्यागी, पिंटू, संजय गर्ग आदि मौजूद रहे।