निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों ने किया कार्य बहिष्कार का ऐलान
हापुड़। बिजली के निजीकरण के विरोध में पावर कॉरपोरेशन के सभी कर्मचारी व अधिकारी सोमवार को कार्य का बहिष्कार करेंगे। ऐसे में संपूर्ण जिला बिजली संकट से जूझ सकता है। हालांकि सरकार द्वारा वैकल्पिक तैयारी भी की जा रही है।
गौरतलब है कि बिजली निगम के कर्मचारी बीते कई सालों से बिजली के निजीकरण का विरोध कर रहे हैं। लेकिन सरकार उनकी मांगों को नहीं मान रही। इसके विरोध में निगम कर्मियों ने शहर में मशाल जुलूस व बाइक रैली भी निकाल कर प्रदर्शन भी किया था।
विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति समेत बिजली निगम के सभी 18 संगठनों ने इस आंदोलन में उतरने का एलान कर दिया है। पांच अक्तूबर से समस्त स्टाफ कार्य बहिष्कार करेंगे। इसमें सरकारी, संविदा कर्मचारी, अधिकारी सभी शामिल रहेंगे। ऐसे में अगर कोई फाल्ट या कटौती होती है तो जिला बिजली संकट से जूझ सकता है। क्योंकि किसी भी तरह के फाल्ट, लाइन जोड़ने आदि कार्य नहीं किए जाएंगे।
समिति के जिलाध्यक्ष राजेश भास्कर ने बताया कि सरकार के फैसले के खिलाफ कार्य बहिष्कार की तैयारी पूरी है। पांच अक्तूबर को तमाम अधिकारी, कर्मचारी इसमें शामिल होंगे। जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं किया जाएगा वह कार्य पर नहीं लौटेंगे। बता दें कि बिजली कर्मियों की हड़ताल को देखते हुए शासन ने वैकल्पिक तैयारी की है, लेकिन जिले में इस दिन बिजली संकट रोक पाना मुश्किल होगा।