गंगा एक्सप्रेस-वे की नई योजना के विरोध में उतरे 40 गांवों के लोग
हापुड़। मेरठ से प्रयागराज तक बनाए जा रहे गंगा एक्सप्रेस-वे की नई योजना के विरोध में रविवार को प्रभावित 40 गांवों के लोगों ने हापुड़ के श्यामपुर जट्ट में महापंचायत की। इसमें हाईवे के नए एलाइनमेंट से बाहर हुए गांवों को लेकर सभी के विचार लिए गए। जिसके बाद राज्यसभा सांसद के माध्यम से सीएम योगी से मिलने का निर्णय लिया गया। वहीं पुराने एलाइनमेंट को मंजूरी नहीं दिए जाने पर आंदोलन की रणनीति बनाने का भी एलान हुआ।
गौरतलब है कि मेरठ से प्रयागराज तक बनाए जाने वाले 630 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस-वे की निर्माण प्रक्रिया में बदलाव कर दिया गया है। पहले यह हाजीपुर से होकर निकाला जाना था, लेकिन अब नए एलाइनमेंट में यह एक्सप्रेस-वे मेरठ रोड के बिजौली से होकर निकलेगा। ऐसे में इसमें हापुड़ के 67 गांवों के बजाय महज 27 गांव ही शामिल हो सकेंगे।
नई एलाइनमेंट योजना का विरोध 40 गांव के लोग एक सुर में कर रहे हैं। क्योंकि पहली योजना के अनुसार उनके गांवों से होकर यह एक्सप्रेस-वे गुजरता, लेकिन अब वह इससे वंचित रह जाएंगे। इसके विरोध में रविवार को हापुड़ के गांव श्यामपुर जट्ट में महापंचायत का आयोजन किया गया। इस महापंचायत में अट्टा धनावली, बाडली, सरावनी, आरिफपुर, मुजफ्फरा बागड़पुर, श्यामपुर जट्ट, सलारपुर, सरीकपुर, नियाजपुर, धनपुरा, भगवानपुर, अक्खापुर, हसुपुर, मुंढाली, सिसौली, अजराड़ा, बड़ला, गंगामल समेत 40 गांवों के लोगों ने भाग लिया।
महापंचायत की अध्यक्षता ओमपाल सिंह हूण ने की। संचालन राजन सिरोही ने किया। इस मौके पर अर्जुन सिरोही, ग्राम प्रधान अब्दुल बारी, अमर सिंह, नरेश पाल, बब्बू पाल, सचिन कसाना, डा.भारत सिंह, सचिन कुमार, संजय शर्मा, प्रमोद कुमार, नितिन आदि मौजूद रहे।
राज्यसभा सांसद के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से करेंगे मुलाकात
- महापंचायत में सभी के विचार लिए गए, जिसमें एक स्वर में ग्रामीणों ने नई योजना का विरोध किया। इसमें सर्वसम्माति से निर्णय लिया गया कि राज्यसभा सांसद विजयपाल तोमर के नेतृत्व में जल्द ही सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगे। इसमें एक्सप्रेस-वे को हाजीपुर से ही निकाले जाने की योजना को स्वीकृति दिलाने की मांग उठाई जाएगी। राहत नहीं मिलने पर आंदोलन की रणनीति बनायी जाएगी। भाजपा मंडल अध्यक्ष पोपिन कसाना ने बताया कि यदि उन्हें जल्द राहत नहीं मिली तो आंदोलन होगा। नई योजना से ग्रामीणों को काफी नुकसान होगा।