गल्ला मंडी में हड़ताल से तीन करोड़ का कारोबार ठप
हापुड़। मंडी शुल्क के विरोध में बृहस्पतिवार को हापुड़ की गल्ला मंडी के आढ़तियों ने हड़ताल का एलान कर दिया। धान की बिक्री करने पहुंचे किसानों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। इस हड़ताल से करीब तीन करोड़ का कारोबार ठप हो गया। आगामी दो दिन भी गल्ला मंडी में काम नहीं होगा। सरकार की नीतियों के विरोध आढ़तियों ने जोरदार हंगामा व प्रदर्शन किया।
हापुड़ में बड़े पैमाने पर धान की खेती की जाती है। इन दिनों धान तैयार हो चुका है, बड़ी संख्या में किसान धान की बिक्री के लिए मंडी पहुंच रहे हैं। गल्ला मंडी के आढ़तियों का आरोप है कि उत्तर प्रदेश की मंडियों में मंडी शुल्क 2.5 फीसदी वसूला जाता है, जबकि अन्य राज्यों में महज एक फीसदी ही मंडी शुल्क लिया जाता है।
कई बार शिकायतों के बाद भी इसमें कोई कटौती नहीं की जा सकी है। इसके विरोध में बृहस्पतिवार को गल्ला मंडी के आढ़तियों ने हड़ताल कर दी, धान बिक्री के लिए पहुंचे किसानों को वापस भेज दिया गया। ऐसे में मायूस किसान काफी परेशान हुए। सरकार की नीतियों के विरोध में मंडी परिसर में जोरदार हंगामा व प्रदर्शन किया गया। इस हड़ताल से मंडी में करीब तीन करोड़ का कारोबार ठप हो गया। प्रदर्शन करने वालों में नरेश त्यागी, विनीत कुमार, दीपांशु, जितेंद्र, रोहित, अजय कंसल, सरदीप चौधरी, अशोक त्यागी, अंकित, मनवीर, कालूराम आढ़ती, लाला, नरेंद्र कुमार, उपदेश आदि मौजूद रहे।
गल्ला मंडी एसोसिएशन के प्रधान नरेश त्यागी ने कहा प्रदेश सरकार उनके हित में नहीं सोच रही है। 2.5 फीसदी आढ़त वसूली जा रही है। जबकि अन्य प्रदेशों में आढ़त सिर्फ एक फीसदी है। ऐसे में उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।--फोटो संख्या--12
आढ़ती सरदीप चौधरी ने कहा शासन से कई बार आढ़त कम करने की मांग उठाई जा चुकी है। लेकिन कोई राहत नहीं मिल सकी है। इसके विरोध में शनिवार तक हड़ताल चलेगी। उनकी समस्याओं का निस्तारण कराना होगा।-फोटो संख्या--09
आढ़ती रोहित जिंदल ने कहा अधिक आढ़त वसूली के विरोध में समूचे उत्तर प्रदेश की मंडियों में हड़ताल की गई है। शनिवार तक मंडी बंद रहेंगी, आढ़तियों का शोषण हो रहा है। सरकार को उनकी समस्या पर ध्यान देना होगा।--फोटो संख्या--10
आढ़ती राजे ने कहा सिर्फ उत्तर प्रदेश की मंडियों में ही अधिक मंडी शुल्क वसूला जा रहा है। जबकि अन्य प्रदेशों में महज एक फीसदी आढ़त ली जाती है। इसी के विरोध में यह हड़ताल की गई है।--फोटो संख्या--11