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अवैध विद्युत लाइन बनवाने में फंसा अवर अभियंता

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अवैध विद्युत लाइन बनवाने में फंसा अवर अभियंता
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जतिन त्यागी
हापुड़। विद्युत निगम के अवर अभियंता ने हापुड़ डिवीजन क्षेत्र के किठौर रोड पर बिना एस्टीमेट बनाए ही नियमों को ताक पर रख अवैध रुप से विद्युत लाइन बनवा दी। मोटी रकम लेकर उपभोक्ता को कनेक्शन भी दे दिया। मामले ने तूल पकड़ा तो अवर अभियंता ने आनन फानन में एस्टीमेट की धनराशि जमा कर दी। हालांकि एक्सईएन द्वारा गठित टीम ने जांच में जेई को प्रथम दृष्टता दोषी मानते हुए कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी है।
हापुड़ में विद्युत निगम भ्रष्टाचार में इस कदर डूब गया है कि वहां बिना सुविधा शुल्क दिए कोई काम कराना आसान नहीं है। सही काम होने के बावजूद भी यदि आपने पैसा नहीं दिया तो आपकी फाइल इधर उधर घूमती रहेगी और यदि पैसा दे दिया तो आपका कार्य हर कीमत पर होगा, चाहे इसके लिए निगम को लाखों का नुकसान हो जाए या नियमों की धज्जियां उड़ानी पड़े। ऐसे ही मामले इन दिनों खुलकर सामने आ रहे हैं।
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हापुड़ डिवीजन क्षेत्र के एक बिजलीघर में तैनात अवर अभियंता ने अधिकारियों की आंखों में धूल झोंक कर किठौर रोड पर एक अवैध लाइन बनवा डाली। मोटी धनराशि लेकर कनेक्शन भी दे दिया। यह मामला खुला तो अवर अभियंता को अपनी जान बचानी मुश्किल हो गई, आनन फानन में उसने अपनी जेब से ही एस्टीमेट का पैसा भर दिया। मामले की जांच के लिए एक्सईएन द्वारा एसडीओ द्वितीय के नेतृत्व में जांच कमेटी का गठन किया गया। इस कमेटी की जांच में प्रथम दृष्टया अवर अभियंता को दोषी पाया है, इसकी पुष्टि जांच अधिकारी ने भी की है। पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। इसमें कड़ी कार्रवाई की भी बात कही जा रही है।
कहां से आया लाइन के लिए तार और पोल
चार पोल की लाइन बनाने के लिए अवर अभियंता ने आखिर तार और पोल कहां से उठाए, यह जांच का विषय है। क्योंकि हापुड़ के मोदीनगर रोड पर ही बिजली संबंधी सामान का स्टोर है, कहीं वहां के कर्मचारियों से सांठगांठ कर सामान तो नहीं निकाला गया। इसकी भी जांच चल रही है।
ठेकेदार की भूमिका पर भी उठे सवाल
हापुड़ डिवीजन क्षेत्र में कुछ ठेकेदार अधिकारियों की आंखों में धूल झोंक कर गलत कार्य कर रहे हैं। किठौर रोड पर अवैध लाइन बनाते समय भी ठेकेदार द्वारा ही कार्य किया गया होगा। लेकिन यहां के कार्य का निगम से कोई न तो आदेश हुआ और न ही टेंडर निकाला गया। ऐसे में ठेकेदार की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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अधिशासी अभियंता मनोज कुमार ने बताया मामला संज्ञान में है। जांच करा ली गई है, रिपोर्ट उन्हें प्राप्त हो गई है। प्रथम दृष्टता अवर अभियंता दोषी पाए गए हैं, इस मामले में कड़ी कार्रवाई होगी।
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