फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हापुड़ डिवीजन के 1090 उपभोक्ताओं को जारी कर दिए आरडीएफ के बिल

विज्ञापन
विज्ञापन
मीटर कर्मियों का कारनामा, 1090 उपभोक्ताओं को भेजे आरडीएफ के बिल
विज्ञापन

हापड़। पावर कॉरपोरेशन के हापुड़ डिवीजन क्षेत्र में मीटर से छेड़छाड़ का एक और बड़ा मामला सामने आया है। एक महीने के अंदर करीब 1090 उपभोक्ताओं के बिल आरडीएफ के बना दिए गए हैं। यह गड़बड़ी किस खामी को छुपाने के लिए की गई, मीटर से छेड़खानी की या मशीन से यह जांच के बाद ही पता चल सकेगा। बहरहाल, निगम के अधिकारियों ने बिलों की जांच शुरू करा दी है।
बिजली निगम को मीटर विभाग से जुड़े कुछ कर्मचारी जमकर चूना लगा रहे हैं। बीते दिनों नो डिस्प्ले मीटर से ओके स्टेटस का बिल जारी करने और रीडिंग स्टोरेज के मामले प्रकाश में आए थे। इसमें बड़े स्तर पर कार्रवाई कर, बिलिंग कंपनी पर जुर्माना भी लगाया गया। अधिकारी अपनी नाकामी को छुपाने के लिए गोपनीय तरीके से कार्रवाई भी कर रहे हैं। लेकिन इसका कोई खास फायदा होता नहीं दिख रहा।
विज्ञापन

क्योंकि आए दिन घपले के नए मामले सामने आते रहते हैं। अब एक और बड़ा खुलासा हुआ है, इसमें हापुड़ डिवीजन के करीब 1090 उपभोक्ताओं के बिल एक ही महीने में आरडीएफ के बना दिए गए। जबकि जुलाई महीने तक सभी के बिल ओके स्टेटस के आ रहे थे।
यह मामला सामने आते ही निगम के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। आनन फानन में संबंधित एसडीओ को बिलों की जांच के निर्देश दिए गए हैं। लगातार बिलों में गड़बड़ी और मीटर छेड़छाड़ के मामलों से निगम को राजस्व चूना लग रहा है, साथ ही विभाग की छवि भी धूमिल हो रही है।
जुलाई और अगस्त महीने में कर दिया खेल
जुलाई महीने तक इन बिलों की स्थिति पर गौर करें तो सभी ओके स्टेटस के आ रहे है, अर्थात सभी सही स्थिति में थे। लेकिन अगस्त महीने में अचानक सभी आरडीएफ हो गए। ऐसा किस उद्देश्य से किया गया, यह जांच के बाद पता चलेगा।
उपभोक्ताओं को काटने होंगे चक्कर
बिलों में कर्मियों ने गड़बड़ी तो कर दी है, लेकिन अब इन्हें दुरस्त कराने के लिए उपभोक्ताओं के पसीने छूट जाएंगे। क्योंकि बिल सही कराने के लिए उन्हें ही कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ेंगे।
बिलिंग कंपनी पर दो बार लग चुका है जुर्माना
बिलिंग कंपनी पर निगम अधिकारियों द्वारा दो बार जुर्माना लगाया जा चुका है। एक बार 12 लाख रुपये की रिकवरी हुई, जबकि दूसरी बार डेढ़ लाख की रिकवरी के लिए मुख्य अभियंता को रिपोर्ट भेजी गई है।
विज्ञापन

अधिकारी कहिन
अधिशासी अभियंता मनोज कुमार ने बताया ऐसे बिलों की जांच कराई जा रही है। उपभोक्ताओं को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। बिलों में गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें