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सरकारी कार्यालयों, आवासों में लगेंगे रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम

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सरकारी कार्यालयों, आवासों में लगेंगे रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
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हापुड़। बारिश के पानी की बर्बादी रोकने के लिए सरकार अपने पूर्व के आदेशों के प्रति सख्त हो गई है। सरकार ने एक बार फिर सभी जिलों को पत्र भेजते हुए सरकारी, अर्धसरकारी, स्कूल, कालेजों के भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाने के आदेश दिए हैं। इसके लिए लघु सिंचाई विभाग को नोडल बनाया गया है। डीएम ने जिले के करीब 36 विभागों को इसके लिए पत्र लिखा है।
पानी के अंधाधुंध दोहन से भूजल स्तर लगातार गिरता जा रहा है। इसको लेकर शासन गंभीर हो गया है। सरकारी भवनों, स्कूलों की छत पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने का निर्देश दिया है। ग्रामीण क्षेत्र में मरेगा के तहत भी इस अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा। घर घर पानी के लिए सबमर्सेबिल लगाए जाने के कारण भूगर्भ जल का अधिक दोहन हो रहा है। प्रदेश के कुछ जनपदों में स्थिति अधिक गंभीर हो चुकी है। इसको देखते हुए जलशक्ति मंत्रालय ने वर्षा जल संचयन और इसके जरिये भूगर्भ जल स्तर को बढ़ाने के लिए पक्के मकानों पर रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को अमल में लाने का निर्णय लिया है। हालांकि यह योजना पुरानी है, लेकिन इस पर कभी अमल नहीं हुआ।
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नए बन रहे सरकारी भवनों में भी इसका ध्यान नहीं रखा जा रहा है, लेकिन अब शासन इस मामले में एक बार फिर सख्त नजर आ रहा है। डीएम ने जिले के सभी विभागों के विभागाध्यक्षों को पत्र जारी करते हुए उनसे इस संबंध में जानकारी मांगी है। इस योजना को अमलीजामा पहनाने की जिम्मेदारी लघु सिंचाई विभाग को दी गई है। इससे यहां बने सरकारी भवन, उनका क्षेत्रफल, वहां वर्षा जल संचयन की व्यवस्था की जानकारी मागीं गई है।
लघु सिंचाई विभाग के अवर अभियंता स्वराज सिंह ने बताया कि आदेशों के अनुपालन में संबंधित विभागों से ब्यौरा जुटाया जा रहा है। ताकि योजना को वर्ष 2020-21 में ही समय रहते अमली जामा पहनाया जा सके।
ऐसे काम करता है हार्वेटिंग सिस्टम -
- वर्षा जल संचयन की यह आधुनिक प्रणाली है। इसके अंतर्गत भवन की छत पर गिरने वाले बारिश के पानी को पाइप के जरिये जमीन पर बने एक टैंक में एकत्र किया जाता है। छत का पानी सीधे जमीन में जाए इसके लिए पाइप लगानी होगी जो सीधे बोरिंग में जाएगी। वहीं, घरों के आवास एकत्र होने वाले जल के लिए गड्ढे खोदकर तीन चैंबर बनेंगे। पहले चैंबर में बारिश का पानी एकत्र होकर दूसरे में जाएगा। दूसरे चैंबर में पानी को छानने के लिए कोयला डाला जाएगा। ताकि तीसरे चैंबर में पानी छनकर जमीन की सतह में चला जाए। विभागों को अपनी जरूरत और क्षमता के अनुरूप इसका बजट बनाना होगा।
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निजी भवन स्वामियों को किया जाएगा प्रेरित
- रूफवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के लिए सरकारी विभागों को निजी भवन स्वामियों और किसानों को भी इसके लिए प्रेरित करने के लिए निर्देशित करने के लिए कहा गया है। लोगों में इसके लिए जागरूकता लाई जाए, ताकि शहर और देहात हर जगह भूगर्भ जल की स्थिति सुदृढ़ की जा सके।
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