फ्रेट कॉरिडोर पर पुल निर्माण को पहुंची टीम को ग्रामीणों ने खदेड़ा
हापुड़। गिरधरपुर तुमरैल में फ्रेट कॉरिडोर पर पुल निर्माण के लिए पहुंची टीम को ग्रामीणों ने खदेड़ दिया और अधिकारियों का घेराव किया। आरोप था कि सिजरे में पुल की चौड़ाई 15 मीटर है, जबकि इसे सिर्फ 5 मीटर चौड़ा ही बनाया जा रहा है। यह मार्ग दर्जनों गांवों को जाता है और आसपास गन्ने की खेती की जाती है। ऐसे में पुल की चौड़ाई कम रहने से आवागमन में बाधा पहुंचेगी। हालांकि उग्र ग्रामीणों को आश्वासन देने के बाद टीम वापस लौट गई।
गौरतलब है कि डीएफसीसीआईएल प्रोजेक्ट मेरठ डेडिकेटिड फ्रेट कॉरीडोर द्वारा निर्माणाधीन ट्रेन की लाइन के ऊपर गिरधरपुर तुमरैल में एक पुल प्रस्तावित है। बुधवार को रेलवे की टीम मौके पर पुल निर्माण के लिए पहुंची। इस दौरान बड़ी संख्या में वहां ग्रामीण भी पहुंच गए और देखा कि पुल सिर्फ पांच मीटर चौड़ाई का ही बनाया जा रहा है।
जबकि सिजरे में इस पुल की चौड़ाई 15 मीटर दर्शायी गई है। ग्राम प्रधान कुलदीप बाना व संदीप शर्मा ने बताया कि पुल से होकर जाने वाला यह मार्ग गिरधरपुर तुमरैल, रामपुर, पूठा नान, रघुनाथपुर, फगौता, मिलक, सपनावत समेत दर्जनों गांवों को जाता है। आस पास के पूरे क्षेत्र में गन्ने की खेती की जाती है। ऐसे में ट्रैक्टर ट्रॉलियों को पुल से गुजरने में परेशानी होगी। यह समस्या बताए जाने के बाद भी जब निर्माण कार्य नहीं रुका तो ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया और काम कर रही टीम को खदैड़ दिया। इसकी सूचना पर नायब तहसीलदार, लेखपाल मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाया। रेलवे के एसीओ राकेश भी मौके पर पहुंच गए और ग्रामीणों से वार्ता की। जिसमें ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि 11 मीटर चौड़ाई का पुल बनाकर दे दिया जाएगा, लेकिन ग्रामीण सीजरे के हिसाब से ही पुल निर्माण करने की बात पर अड़े रहे। ग्रामीणों को आश्वासन देने के बाद अधिकारी वहां से लौट गए। हंगामा करने वालों में राजकुमार एडवोकेट, सुशील शर्मा, दीपांशु शर्मा, आशु चौधरी, संदीप बाना, सुनील शर्मा, महेंद्र शर्मा, संदीप त्यागी, कुल भूषण शर्मा, शेखर शर्मा, ब्रजेश शर्मा, जयकिशन शर्मा आदि मौजूद रहे।