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हापुड़ में नो डिस्पले मीटरों से फर्जी बिलिंग का खेल

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नो डिस्पले मीटरों से हो रहा फर्जी बिलिंग का खेल
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हापुड़। पावर कॉरपोरेशन के हापुड़ डिवीजन क्षेत्र में नो डिस्प्ले मीटरों से फर्जी बिलिंग का खेल किया जा रहा है। मीटर में डिस्प्ले खराब होने के बावजूद न्यूनतम रीडिंग के बिल जारी किए गए हैं, जबकि स्टोर यूनिट वाले मीटरों से भी कम पैसों का बिल निकाला जा रहा है और स्टेटस में ओके शब्द का प्रयोग हो रहा है। मामला सामने आने के बावजूद अधिकारी कंपनी पर कोई एक्शन नहीं ले रहे हैं बल्कि मामले को रफादफा करने में जुटे हैं।
गौरतलब है कि बिजली के लाइनलॉस और चारी को रोकने के लिए मीटर व्यवस्था शुरू की गई थी। हाल ही के दिनों में मीटर प्रणाली में विस्तार किया गया है। बिल निकालने के लिए अलग अलग कंपनियों को अधिकृत किया है। हापुड़ डिवीजन क्षेत्र में इन दिनों ऐसे मीटरों की बाढ़ आयी है, जिनमें लाखों रुपये की यूनिट स्टोर हैं और बिल बहुत कम यूनिट के जारी किए गए हैं। इस मामले में सिर्फ पत्राचार ही चल रहा है।
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ऐसे में कुछ और नए मामले सामने आए हैं, कई मीटर ऐसे मिले हैं जिनकी डिस्प्ले खराब है और इन मीटरों का भी न्यूनतम यूनिट का बिल निकाला जा रहा है। यह कारनामा एक दो महीने नहीं बल्कि कई सालों से चल रहा है। दिलचस्प बात यह है कि हापुड़ डिवीजन में मीटरों में छेड़छाड़ कर निगम को करोड़ों की चपत लगायी जा चुकी है। बड़ा सवाल यह उठता है कि सब कुछ सामने होने के बावजूद अधिकारी मामले से दूरी बना रहे हैं, ऐसे में उनकी मंशा पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं।
अधिशासी अभियंता मनोज कुमार ने बताया कि मीटर के मामले में सघन जांच चल रही है। जल्द ही दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी जाएगी।
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