नलकूप बिलों में घोटाले पर भड़की भाकियू ने दिया धरना
हापुड़। नलकूप बिलों में घोटाले के विरोध में भाकियू कार्यकर्ताओं ने बुधवार को बिजली निगम के अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। टाऊन हॉल बिजलीघर परिसर में जोरदार नारेबाजी की। देर शाम तक भी कोई आला अधिकारी धरना स्थल पर नहीं पहुंचा। इससे गुस्साए कार्यकर्ताओं ने अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा कर दी। हालांकि कुछ ही देर बाद अधिकारियों ने पहुंचकर दो दिन में कार्रवाई का आश्वासन देकर धरना समाप्त करा दिया।
धरने को संबोधित करते हुए मंडल प्रवक्ता दिनेश खेड़ा ने कहा कि विद्युत निगम में लगभग 18-20 साल पहले अधिकारी व कुछ कर्मचारियों ने करोड़ों रुपये का घोटाला कर दिया था। इसका खामियाजा जिले के हजारों किसानों को भुगतना पड़ रहा है। आलम यह है कि पूरा बिल जमा करने के बावजूद किसानों के बिलों में लाखों रुपये की बकायेदारी जुड़कर आ रही है।
जिला महासचिव दिनेश त्यागी व कार्यकर्ता भगतराम ने कहा कि शासन की ओर से नलकूप किसानों के लिए छूट योजना शुरू की गई है। लेकिन फर्जी बकायेदारी जुड़ी होने के कारण जिले के हजारों किसानों को इस योजना का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं देते, ऐसे में किसान परेशान हैं।
महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष बबली सिंह ने कहा कि बिजली निगम के अधिकारी कार्यालय में बैठकर ही कागजों में किसानों के कनेक्शन काट देते हैं और फिर इन्हें जोडने के नाम पर शुल्क वसूलते हैं। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। घोटालेबाजों पर कार्रवाई की मांग को लेकर कार्यकर्ता सुबह 11 बजे से ही बिजलीघर परिसर में धरने पर डट गए।
शाम तक इंतजार के बाद भी कोई अधिकारी धरना स्थल पर नहीं पहुंच सका। इसके विरोध में कार्यकर्ताओं ने अनिश्चितकालीन धरने का एलान कर दिया। हालांकि कुछ देर बाद निगम के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर दो दिन में कार्रवाई का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया। धरने की अध्यक्षता तहसील अध्यक्ष चौधरी कमल सिंह व संचालन संदीप चौधरी ने किया। धरना प्रदर्शन करने वालों में संदीप चौधरी, उदयवीर सिंह, रामपाल सिंह, रणवीर सिंह, जीते नागर, शोभाराम आर्य, कमल सिंह, कन्हैया सिंह, अनिल त्यागी, नत्थी सिंह, मामचंद शास्त्री, मयंक चौहान, रामदत्त सिंह, महेंद्र सिंह, सलीम, परमजीत सिंह, तेजवीर सिंह, राजेंद्र सिंह, प्रमोद कुमार, डा.पप्पन, देवेंद्र शर्मा, हरेंद्र फौजी, लीलू, संजीव चौधरी आदि मौजूद रहे।
अधिशासी अभियंता मनोज कुमार ने बताया कि इस मामले में उच्चस्तरीय जांच चल रही है। लेकिन जिन किसानों के बिलों में गड़बड़ी है, उनकी समस्याओं का निस्तारण कराया जाएगा। दो दिन का आश्वासन देकर धरना समाप्त करा दिया गया है।