संसाधन नहीं हौसलों से भरी जाती है उड़ान -कार्तिक
हापुड़। अंडर-19 क्रिकेट विश्वकप में अपनी छाप छोड़ने वाले कार्तिक त्यागी का कहना है कि सफलता की उड़ान संसाधनों से नहीं बल्कि हौसलों से भरी जाती है। युवा चुनौतियों से लड़ना सीखें। सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं है, कड़ी मेहनत ही इसकी कुंजी है।
कार्तिक त्यागी रेलवे रोड स्थित रॉयल पैलेस में अपना अनुभव साझा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उनके समक्ष भी अनेक चुनौतियां आईं, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। पिता योगेंद्र त्यागी ने गांव धनौरा में ही एक 22 यार्ड का पिच बनाकर दिया, इसी पिच पर उन्होंने अपनी गेंदबाजी को निखारा।
कार्तिक ने बताया कि रणजी खेलते समय वह चोटिल हो गए थे। काफी प्रयास के बाद भी चोट से नहीं उभरने के पर उनका मनोबल डगमगाने लगा। लेकिन उनके पिता ने हौसला बढ़ाया। जिसके चलते ही आज वह इस मुकाम को हासिल कर सके हैं।
हमें कोई भी सफलता ऐसे ही नहीं मिल जाती है। बल्कि उसे प्राप्त करने के लिए एक लक्ष्य साधना पड़ता है। कड़ी मेहनत और एकाग्रता से ही सब कुछ संभव है।
जिले में स्टेडियम व खेल संसाधन न होने के सवाल पर उन्होंने बताया कि संसाधन खिलाड़ी के लिए ज्यादा महत्व नहीं रखते हैं। बल्कि खिलाड़ी के अंदर जज्बा होना चाहिए। उन्होंने भी अपने करियर की शुरूआत किसी स्टेडियम में न करके, अपने गांव में ही की। ऐसे में वह युवाओं से अपील करते हैं कि वह जिस भी खेल में निपुण हों, तन मन से उसमें आगे बढ़ें।
पाकिस्तान से खेले गए मैच पर सवाल में कार्तिक ने बताया कि मैच शुरू होने से पहले वाली रात को कुछ टेंशन जरूर थी। लेकिन मैदान पर उतरने के बाद उन्होंने अच्छा करने का प्रयास किया और वह सफल होते गए।