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लोक लुभावन बजट से संतुष्ट दिखे लोग

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लोक लुभावन बजट से संतुष्ट दिखे लोग
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हापुड़। मंदी और जीएसटी से परेशान आम जन व व्यापारियों के लिए यह बजट उम्मीदों से भरा रहा। कृषि और उद्योगों पर केंद्रित इस बजट से लोग राहत की संभावनाएं तलाश रहे हैं। टैक्स में छूट और कुछ महत्वपूर्ण निर्णय को देखते हुए अधिकतर लोगों के लिए यह बजट सराहनीय रहा है। हालांकि कुछ लोग बजट से व्यापारी और दूसरे वर्ग की मुश्किलों को और बढ़ता हुआ देख रहे हैं। विपक्षियों ने बजट को लेकर सरकार पर हमला बोला है।
सीएए, एनआरसी, मंदी जैसे मामलों में विपक्ष व एक बड़े वर्ग की आलोचनाओं के बीच जहां सरकार लोगों को बजट के माध्यम से कुछ राहत देना चाहती थी, वहीं लोग भी इससे बेहतरी की उम्मीद जता रहे थे। ऐसे में वित्त मंत्री निर्मला सीता रमण द्वारा जारी बजट के दूरगामी परिणाम भले ही हों, लेकिन फिलहाल यह बजट लोगों के लिए लोक लुभावन रहा। टैक्स में छूट की सीमा बढ़ाने के अलावा कृषि और उद्योगों पर यह बजट पूरी तरह केंद्रित रहा। शिक्षा को निजीकरण की ओर बढ़ाने की दिशा का लोगों द्वारा भले ही विरोध किया हो, लेकिन कृषि और उद्योगों को बढ़ावा देना लोगों द्वारा सराहा गया। बजट में जिले को कुछ भले ही न मिला हो, लेकिन शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के लिए भारी भरकम बजट की घोषणा से लोग संतुष्ट हैं। हालांकि विपक्षी बजट को पूरी तरह से ढकोसला मान रहे हैं। विपक्षियों के अनुसार बजट में आम लोगों के लिए कुछ नहीं है।
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श्री पंचायती गोशाला के मंत्री सुरेश ठेकेदार का कहना है कि आयकर छूट की लिमिट बढ़ाने से छोटे व्यापारियों को राहत मिली है। लेकिन टैक्स स्लैब में छूट नाकाफी है। स्लैब में ढाई ढाई लाख के अंतर को बढ़ाकर पांच पांच लाख करना था। छोेे कारोबारियों के लिए बीस प्रतिशत तक टैक्स उनकी कमर तोडने से कम नहीं है।
व्यापारी नेता टुक्कीराम गर्ग का कहना है कि कृषि और उद्योग इस बजट का मूल हिस्सा है। इन दोनों वर्गों से जुड़े लोगों की आय बढ़ाने का प्रयास सरकार ने किया है। इन दोनों वर्गों से जुड़े लोगों की आय में वृद्धि होगी तो निश्चित रूप से मंदी समाप्त हो जाएगी। बजट के दूरगामी परिणाम होंगे।-फोटो संख्या-38
व्यापारी नेता नेत्रपाल सिंह का कहना है कि बजट में सभी वर्गों के लिए कुछ न कुछ है। व्यापारी वर्ग को भी राहत मिली है, हालांकि इससे अधिक राहत मिलनी चाहिए थी। बड़े व्यापारियों को इस बजट से उतरी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
विनीत दीवान ने कहा कि यह कापरेट बजट है। सबसे बड़ी बात है कि किसी भी वर्ग पर नया भार नहीं लगाया गया है। कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य पर जो फोकस रखा गया है, वह एक सराहनीय पहल है।
व्यापारी संजय अग्रवाल का कहना है कि उद्यमियों के लिए बजट में कोई खास नहीं है। इस बार का बजट सामान्य रहा है। लगातार चल रही सरकार विरोधी हवा को देखते हुए किसानों को लुभाने का प्रयास किया गया है। बाकी बजट में कुछ खास नहीं है। उद्यमी एक बार फिर दिक्कतें झेलने वाला है।
कपिल सिंहल एसएम का कहना है कि यह व्यापारियों के लिए बेहतरीन बजट है। सरकार ने सभी वर्गों का ध्यान रखा है। कृषि क्षेत्र के लिए कुछ न कुछ नई शुरूआत की है। टैैक्स स्लैब में छूट सराहनीय कदम है।
व्यापारयी दिपेश माहेश्वरी का कहना है कि इस बार बजट व्यापारियों के लिए हित कर है। बजट में वित्त मंत्री ने सभी वर्गों का ध्यान रखा है। रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ साथ किसानों और उद्यमियों की आमदनी बढ़ाने के लिए बजट में सब कुछ है।
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सीए रजत जैन का कहना है कि वित्त मंत्री ने अपने पिटारे से कई बड़े एलान किए। व्यक्तिगत आयकर दाताओं के लिए सशर्त पांच नए इनकम टैक्स स्लैब का एलान किया। वहीं कृषि सैक्टर में कृषि उड़ान की घोषणा हुई। किसानों के लिए बजट में तीन नई स्कीमों का एलान किया। इसके अलावा होम लोन लेने वाले व स्टार्टअप बनाकर को भी राहत प्रदान की गयी। वहीं दूसरी ओर डिविडेंड पर टैक्स हटाने की भी घोषणा हुई।
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