आम बजट 2020 - मंदी की मार झेल रहे उद्योगों को मिले रफ्तार
हापुड़। शनिवार को केंद्रीय वित्त मंत्री के पिटारे से बजट में आम आदमी के लिए क्या निकलेगा। इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं। किसान हो या लघु उद्यमी, महिलाएं हो अथवा युवा सभी को इस बजट से राहत की उम्मीद है। खासकर मध्यम वर्ग व लघु उद्यमी चाहते हैं कि इस बार का बजट ऐसा हो जिसमें उद्यमियों को भी ब्याज दर में अनुदान मिले। मध्यम वर्ग को बढ़ती मंहगाई से राहत चाहिए वहीं युवाओं को रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। महंगाई और दूसरी परेशानियों से जूझ रहे लोग इस बजट में राहत तलाश रहे हैं।
आईआईए के मंडलीय सचिव सोनू चुग का कहना है कि बजट में सरकार को नए उद्योगों पर किसी प्रकार के कर से पांच वर्षों तक पूर्णतया छूट प्रदान करना चाहिए, क्योंकि उद्योगों के माध्यम से उत्पादन में वृद्धि होगी। भारत में उद्योगों के माध्यम से ही लोगों को अधिकतर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। जिससे प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि होगी।
आईआईए के चैप्टर अध्यक्ष प्रमोद गोयल का कहना है कि देश के कई प्रमुख उद्योग इस समय मंदी से गुजर रहे हैं। ऐसे उद्योग को उबरने के लिए सरकार को विशेष पैकेज देकर बढ़ावा दे ताकि हमारी प्रमुख समस्या बेरोजगारी में कमी लाई जा सके। सरकार को इन बातों को समझना होगा।
व्यापारी विजय अग्रवाल का कहना है कि जीएसटी के चलते छोटे उद्योगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पिछले 15 वर्षो से सभी सरकारों का विकास संबंधी आश्वासन महज दिखावा बन गया है। जिससे लोगों का व्यापार डूब रहा है। सरकार द्वारा को बजट में कुछ साहसिक निर्णय लेने की आवश्यकता है।
व्यापारी नेता टुक्कीराम गर्ग का कहना है कि सरकार को चाहिए कि जिला स्तर पर व्यवसाय का हब बनाएं, जिससे छोटे बड़े व्यवसायी उसका लाभ ले सकें। उद्योगों को बढ़ावा के लिए सरकार को विशेष कदम उठाने की आवश्यकता है। व्यापारियों को सरकार से बेहतर बजट की उम्मीद है। ताकि व्यापारियों का सरकार पर भरोसा कायम रह सके।
अजय त्यागी का कहना है कि नए उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार उन्हें आसानी से ऋण उपलब्ध कराए तथा उनकी उत्पाद बिक्री में सहयोग प्रदान करें। नए उद्यमियों को उत्पाद की बिक्री के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता है। सरकार को उनका सहयोग करना चाहिए।
अधिवक्ता विवेक गर्ग का कहना है कि उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार को अतिरिक्त बजट का प्रावधान करना चाहिए। नए उद्योग लगाने वाले उद्यमियों को कम दर पर बिजली एवं कम ब्याज दर पर ऋण की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए। बैंकों से ऋण प्राप्त करने के लिए उद्यमियों को काफी भाग दौड़ करनी पड़ती है।
अन्नू अरोड़ा का कहना है कि सरकार को चाहिए कि नए उद्योग लगाने वालों को आसानी से लोन की व्यवस्था उपलब्ध हो, जिससे उन्हें बिचौलियों के यहां चक्कर न लगाना पड़े। साथ ही ब्याज व सब्सिडी में छूट दे और उद्योग के लिए लोगों को प्रेरित करे।
डा. विपिन गुप्ता का कहना है कि शिक्षा के क्षेत्र में सरकार द्वारा काफी कुछ करने की आवश्यकता है। अच्छी शिक्षा के लिए अभी भी देहात क्षेत्र वंचित हैं। सरकार को चाहिए के नए स्कूल खोलने के साथ गरीबों को शिक्षा के अवसर मुहैया कराने के लिए कदम उठाने चाहिए।