दत्तियाना गांव में ओलावृष्टि के मुआवजा पर लगी रोक
हापुड़। ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति बहुत से किसानों को नहीं मिल सकी है। इसके विरोध में दत्तियाना गांव के किसानों ने डीएम कार्यालय में ज्ञापन देकर, तहसील की टीम पर फर्जी रिपोर्ट तैयार कर, उन्हें मुआवजा सूची से बाहर करने का आरोप लगा, जांच की मांग उठाई थी। जिसके बाद तहसीलदार द्वारा उक्त गांव में मुआवजा वितरण पर रोक लगा दी है। भाकियू ने निष्पक्ष जांच न होने पर घेराव की चेतावनी दी है।
उल्लेखनीय है कि बीते दिनों जमकर ओलावृष्टि हुई थी। इसके दत्तियाना गांव में बड़ी मात्रा में आलू की फसल नष्ट हो गई थी। शासन के आदेश पर फसल क्षति का आंकलन शुरू कराया गया। लेकिन तहसील के कुछ कर्मचारियों ने फील्ड में जाए बगैर ही हवाई रिपोर्ट तैयार कर दी। जिसके चलते बहुत से किसानों को नुकसान होने के बावजूद मुआवजा नहीं मिल सका।
इसके विरोध में बीते दिनों गांव निवासी रजनीश त्यागी के नेतृत्व में दर्जनों किसानों ने डीएम कार्यालय पहुंचकर, निष्पक्ष जांच की मांग उठाई थी। जांच होने तक मुआवजा वितरण पर रोक लगाने की भी मांग की। मामले की गंभीरता पर डीएम ने एसडीएम गढ़ और तहसीलदार को जांच के आदेश दिए।
आनन फानन में तहसीलदार द्वारा गांव में मुआवजा वितरण पर रोक लगा दी गई। साथ ही जांच भी शुरू करा दी है। उधर, भाकियू भानु के जिलाध्यक्ष पवन हूण का कहना है कि यदि इस मामले में निष्पक्ष जांच कराकर, प्रत्येक पीड़ित किसान को मुआवजा नहीं मिला तो वह तहसील का घेराव कर देंगे। इसकी जिम्मेदारी तहसील प्रशासन की होगी।
एसडीएम विजय वर्धन तोमर का कहना है कि मामला संज्ञान में आ गया है। जांच करायी जा रही है, किसानों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।