168 करोड़ की जिला योजना को मिली मंजूरी
हापुड़। जिले के विकास के लिए बृहस्पतिवार को 168 करोड़ के प्रस्ताव को स्वीकृति मिल गई। जिला प्रभारी मंत्री संदीप सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में 41 विभागों के 168.23 करोड़ के प्रस्ताव रखे गए थे। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 9.31 करोड़ की बजट में बढ़ोत्तरी की गई है।
बृहस्पतिवार को विकास भवन स्थित सभागार कक्ष में जिला प्रभारी मंत्री एवं राज्य मंत्री वित्त, चिकित्सा, शिक्षा एवं प्राविधिक शिक्षा संदीप सिंह की अध्यक्षता में जिला योजना की बैठक हुई। इसमें जिले के लिए शासन द्वारा निर्धारित परिव्यय धनराशि 168.23 करोड़ रुपये के प्रस्ताव रखे गए। बैठक में 41 विभागों के समस्त प्रस्तावों पर चर्चा करने के बाद पास कर दिया गया। इससे पूर्व वर्ष 2019-20 के प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। जिसमें डीएसटीओ ने बताया कि जिले के लिए 158.92 करोड़ का परिव्यय स्वीकृत किया गया था। स्वीकृत परिव्यय के सापेक्ष विभिन्न विभागों की योजनाओं को क्रियान्वयन करने के लिए 72.98 करोड़ अवमुक्त हुआ है। जो स्वीकृत परिव्यय के सापेक्ष 46 प्रतिशत है। जो व्यय किया जा रहा है।
बैठक में प्रभारी मंत्री ने कहा कि जिले के विकास के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। ताकि विकास में तेजी आ सके।
बैठक में प्रभारी मंत्री संदीप सिंह ने जिला अस्पताल शुरू करने की सीएमओ से जानकारी ली। जिस पर सीएमओ ने कहा कि जल्द से जल्द अस्पताल शुरू कर दिया जाएगा। इस पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि फरवरी माह तक जिला अस्पताल को शुरू करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी अदिति सिंह, एसपी संजीव सुमन, सीडीओ उदय कुमार, जिलाध्यक्ष उमेश राणा, सदर विधायक विजयपाल आढ़ती, गढ़ विधायक कमल मलिक, महामंत्री प्रमोद जिंदल, विनीत दीवान, नितेश त्यागी आदि मौजूद रहे।
इन प्रस्तावों को मिली स्वीकृति
बैठक में रखे गए प्रस्तावों में 2020-21 में शासन की प्राथमिकता अनुसार स्वच्छता के लिए 2.95 करोड़, लाभार्थीपरक योजनाओं में 24.73 करोड़, सड़क निर्माण के लिए 38.16 करोड़, कृषि एवं सिचांई के लिए 16.48 करोड़, रोजगार सृजन के लिए 2.75 करोड़, शिक्षा के लिए 25.60 करोड़, स्वास्थ्य विभाग के लिए 47.54 करोड़ का परिव्यय प्रस्तावित किया गया है। जिसपर जिले के प्रभारी मंत्री ने समस्त प्रस्तावों पर अपनी हरी झंडी दी। इसमें कुल 168.23 करोड़ में केंद्र द्वारा 40.91 करोड़ व राज्य सरकार द्वारा 127.32 करोड़ प्रस्तावित है।
वृद्धा, विधवा पेंशन का नहीं मिल रहा लाभ--
बैठक के बाद विधायक विजयपाल आढ़ती ने कुछ लेखपालों की लापरवाही के चलते वृद्धा और विधवा पेंशन के पात्र लाभार्थियों को सहायता न मिलने की बात कही। उन्होंने कहा कि लेखपाल केवल उन महिलाओं की रिपोर्ट लगाते हैं, जो उनकी गर्म जेब करती हैं। जबकि गरीब पात्र महिलाओं का शोषण हो रहा है। इस प्रकार के कई मामले उनके पास आए हैं।
गुमशुदा युवक के तलाश की लगाई गुहार
बरेली जिले के सिमरौली गांव निवासी एक वृद्ध महिला शांति देवी ने प्रभारी मंत्री संदीप सिंह को पत्र देकर कहा कि 24 जनवरी को उनका पौत्र बरेली से मुरादाबाद आया था। जिसकी कार गढ़मुक्तेश्वर में मिली थी। लेकिन पौत्र गुमशुदा है। उन्होंने अपने पुत्र की बरामगी की गुहार लगायी। मंत्री ने इस संबंध में पुलिस अधिकारियों से वार्ता कर जल्द बरामदगी का आश्वासन दिया।
जमीन न मिलने के कारण ठंडे बस्ते में गया स्टेडियम का प्रस्ताव
हापुड़ को जिला बने लगभग दस साल हो गए हैं। लेकिन प्रशासन आज तक भी जिले के खिलाड़ियों के लिए स्टेडियम के लिए जमीन चिन्हित नहीं कर पाया है। जो जमीन देखी भी गई उन पर पहले से ही विवाद चल रहा था। हर वर्ष स्टेडियम के लिए प्रस्ताव बनता है लेकिन जमीन व बजट के अभाव में यह प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला जाता है। इस बार भी यही हुआ, बृहस्पतिवार को भी जिला योजना की बैठक में प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन स्टेडियम के लिए जमीन न मिलने के कारण इस पर कोई चर्चा नहीं हुई।