स्वाइन फ्लू रोकने को बनाई रेपिड रेस्पोंस टीम
हापुड़। स्वाइन फ्लू से जंग जीतने को स्वास्थ्य विभाग ने रेपिड रेस्पोंस टीमें फिल्ड में उतार दी हैं। टीम में शामिल प्रत्येक चिकित्सक को एच1एन1 के टीके लगाए गए हैं। सीएचसी, पीएचपी पर टीमों को मुस्तैद कर दिया गया है, जो संदिग्ध मरीजों पर नजर रखेंगी। बुधवार को स्वाइन फ्लू से हुई एक व्यक्ति की मौत के बाद विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
उल्लेखनीय है कि स्वाइन फ्लू की चपेट में आकर छोटी मंडी निवासी एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। उक्त मरीज में स्वाइन फ्लू की पुष्टि की गई थी। जनवरी महीने से अप्रैल तक स्वाइन फ्लू के वायरस का प्रभाव अधिक रहता है।
सीएमओ ने इस बार रोग पर शिकंजा कसने के लिए रेपिड रेस्पोंस टीम का गठन कर दिया है। प्रत्येक सीएचसी, पीएचसी पर टीमों को तैनात कर दिया गया है। प्रत्येक टीम में एक डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ रहेगा, उन्हें बीमारी से बचाने के एच1एन1 के टीके लगा दिए गए हैं। अस्पतालों में भी ऐसे मरीजों के रख रखाव के लिए विशेष सुविधाएं की जा रही हैं।
-स्वाइन फ्लू के लक्षण-
* गले में तेज चुभन और बुखार होना।
* सांस फूलना, खांसी के बाद सीने में दर्द।
* नाखून नीले पड़ना, सेहत के गिरते जाना।
-बचाव के तरीके-
* भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर कम जाएं, मुहं पर मास्क लगाएं।
* अधिक मात्रा में पानी, द्रव पदार्थ पिएं।
* रोग प्रतिरोध क्षमता में वृद्धि के लिए ताजा पोषक, स्वास्थ्यवर्धक आहार लें।
* हाथ न मिलाएं, पूरी नींद लें।
* चिकित्सक की सलाह के बगैर दवा न खाएं।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा.रेखा शर्मा का कहना है कि स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए रेपिड रेस्पोंस टीमों का गठन किया जा चुका है। प्रत्येक संदिग्ध पर नजर रखी जाएगी, इस रोग को ज्यादा फैलने नहीं दिया जाएगा।