भारत बंद को लेकर अतरपुरा चौराहे पर तैनात पुलिस.
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यूपी में सीएए के विरोध में नारेबाजी, पुुलिस से नोकझोंक
हापुड़। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) व ईवीएम के विरोध में बहुजन क्रांति मोर्चा और राष्ट्रीय मूलनिवास महिला संघ के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए, जिससे पुलिस की सांसे फूल गयी। आनन-फानन में पुलिस ने चंद्रलोक कॉलोनी में एकत्र हुई महिलाओं को रोक लिया। काफी देर के बाद मौके पर पहुंचे तहसीलदार व कोतवाली प्रभारी ने ज्ञापन लेकर लोगों को घर भेज दिया।
सीएए कानून और ईवीएम द्वारा चुनावी प्रक्रिया के विरोध में बहुजन क्रांति मोर्चा संगठन द्वारा बुधवार को भारत बंद का आह्वान किया था। मंगलवार देर रात पुलिस को इसकी भनक लगते हुए पुलिस अलर्ट हो गई। बुधवार सुबह बहुजन क्रांति मोर्चा और राष्ट्रीय मूलनिवास महिला संघ के तत्वावधान में काफी संख्या में लोग मोहल्ला चंद्रलोक कॉलोनी में एकत्र हो गए। हाथों में सीएए और ईवीएम के विरोध में तख्ती बैनर लिए महिलाओं ने सीएए और ईवीएम हटाने को लेकर नारेबाजी की। इससे पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया और कोतवाली प्रभारी अविनाश गौतम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। महिलाएं जुलूस के रूप में अतरपुरा चौपला डा. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा तक आना चाहती थी, लेकिन पुलिस ने इन्हें मोहल्ले में ही रोक दिया। इसके बाद महिलाओं ने रामलीला मैदान तक जुलूस निकालने की बात कही। तहसीलदार गजेंद्र सिंह मौके पर पहुंच गए। विरोध करने पर महिलाओं और पुलिस के बीच काफी देर तक नोकझोंक होती रही। महिलाओं ने सीएए कानून वापस लेने और हिन्दू मुस्लिम एकता के नारे लगाएं। अधिकारियों ने किसी तरह अधिकारियों ने महिलाओं को शांत किया। महिलाओं ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। इसके बाद पुलिस ने महिलाओं को समझा बुझाकर घर भेज दिया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि विरोध के लिए एक संगठन के आह्वान पर महिला पुरुष एकत्र हुए थे। जिनसे ज्ञापन लेने के बाद उन्हें वापस लौटा दिया।
उधर, भारत बंद का जिले में कोई असर दिखाई नहीं दिया। पुराना बाजार क्षेत्र में कुछ दुकानें बंद जरूर दिखाई दी, लेकिन लोगों ने बताया कि ये दुकानें अकसर बंद रहती हैं। बंद को लेकर कुछ स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा।