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जिले की आबोहवा के नहीं सुधरे हालात, आफत में जान

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धूप खिलने के बाद भी नहीं सुधरे हालात, आफत में जान
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हापुड़। आसमान में छाई धुंध से राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। सोमवार को चटक धूप खिलने से आबोहवा सुधरने की आस जगी थी। लेकिन देखते ही देखते एक्यूआई 491 पहुंच गया, जिसने वातावरण को रविवार से भी ज्यादा बदतर कर दिया। वहीं, एमएम 2.5 का स्तर 707 जबकि पीएम 10 का स्तर 1037 दर्ज किया गया, यह भी बीते दिनों के मुकाबले अधिक रहा। ऐसे में जिले को बढ़ते प्रदूषण से फिलहाल राहत मिलती नजर नहीं आ रही है।
दीपावली के बाद से जिले में प्रदूषण का स्तर एकाएक बढ़ता जा रहा है। आलम यह है कि वातावरण में छाई धुंध और डस्ट चैंबर के कारण लोगों का सांस लेना मुश्किल हो रहा है। रविवार को दिनभर धुआं छाए रहने से आंखों में परेशानी के साथ ही अस्थमा के रोगियों की जान पर बन आयी।
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सोमवार को सुबह से ही चटक धूप खिली, ऐसे में उम्मीद जगी थी कि पर्यावरण में सुधार होगा। लेकिन कलक्ट्रेट पर लगे उपकरणों ने आबोहवा की घटिया गुणवत्ता को रिकॉर्ड किया। आलम यह रहा कि सोमवार को जिले में एक्यूआई 491 दर्ज किया गया, जोकि रविवार के एक्यूआई 486 से भी ज्यादा रहा। जिससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि इन दिनों बह रही हवा हमारे स्वास्थ्य के लिए उपयुक्त नहीं है।
इसके अलावा पीएप 2.5 का स्तर 707 दर्ज किया गया, जो रविवार के मुकाबले करीब 221 ज्यादा रहा, वहीं पीएम 10 का स्तर 1037 दर्ज किया गया। कुल मिलाकर सोमवार को भी वायु मंडल में भयंकर प्रदूषण का असर जारी रहा।
दिन एक्यूआई का स्तर पीएम-10
सोमवार 491 1037
रविवार 486 454
शनिवार 459 444
शुक्रवार 471 444
बृहस्पतिवार 477 455
सुबह की सैर पर न निकलें सांस रोगी
जिले में सांस के रोगियों पर यह मौसम आफत बनकर बरस रहा है। पहले से ही सांस लेने की जद्दोजहद से जूझ रहे मरीजों को वातावरण में फैल रहे धुंए और केमिकल युक्त कणों से उन्हें काफी परेशानी हो रही है। चिकित्सक सांस रोगियों को सुबह कै समय सैर पर निकलने से मना कर रहे हैं। सांस रोगियों के लिए मौसम खतरनाक साबित हो सकता है।
आंखों के मरीजों की बढ़ी संख्या
प्रदूषण के चलते आंखों के मरीजों की तादात बढ़ती जा रही है। इन दिनों लोग आंखों में जलन, एलर्जी जैसी समस्या से जूझ रहे हैं। नेत्र चिकित्सकों के यहां पर इस तरह के मरीजों की भीड़ लग रही है। चिकित्सकों का कहना है कि मौसम में सुधार नहीं हुआ तो समस्या और अधिक बढ़ जाएगी।
- बढ़ते प्रदूषण से बचाव के लिए यह करें-
* घर से बाहर निकलते समय मुंह पर मास्क लगाएं।
* आंखों को चश्में का इस्तेमाल करें।
* समय समय पर आंखों को पानी से धोते रहें।
* घरों के आस पास पानी का छिड़काव करें, ताकि डस्ट न उड़े।
आफत बन रहा है बढ़ता प्रदूषण-
प्रदूषण विभाग के स्टेशन इंचार्ज सलमान राणा का कहना है कि प्रदूषण का स्तर कम करने के लिए लोगों को जागरूक होना होगा। खुले में निर्माण सामग्री न डाले और फिलहाल किसी प्रकार का निर्माण कार्य न करें। अपने घरों के आसपास और पेड़ों आदि पर छिड़काव करते रहें।-फोटो-28
डा. एसपी सिंह कहते हैं कि सरकार हर मामले में विफल हो चुकी है। यह हर बार की समस्या है, लेकिन इसकी रोकथाम के लिए केवल कागजों पर ही प्रयास किए जाते हैं, जमीनी स्तर पर कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। जिससे हालात और गंभीर हो रहे हैं।-फोटो-29
श्याम कुमार आढ़ती का कहना है कि नगर पालिका हो या दूसरे विभाग इस मामले में खानापूर्ति बरत रहे हैं। ना कहीं छिड़काव ही दिखायी दे रहा है और न ही किसी प्रकार के निर्माण कार्य पर रोक दिखायी दे रही है। ऐसी स्थिति में सरकार ही इस प्रकार के प्रदूषण को बढ़ावा देे रही है।-फोटो -30
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मुकुल त्यागी का कहना है कि प्रदूषण ही चपेट में शहर ही नहीं गांव भी आ गये हैं। यह सोचने का विषय है कि प्रदूषण की जद में हमारे गांव भी हैं। ऐसे में क्षेत्र का हवा सांस लेने लायक नहीं बची है। इसके लिए सरकार और हम दोनों ही जिम्मेदार हैं।-फोटो-31
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