अमृत सिद्ध योग में दिवाली, 37 साल बाद ऐसा योग
हापुड़। रोशनी का त्योहार दिवाली इस बार 37 सालों बाद अमृत सिद्ध योग में पड़ रही है। विधि विधान से पूजा-अर्चना करने पर भगवान श्रीगणेश और लक्ष्मी जी की विशेष कृपा होगी। भगवान के आशीर्वाद से सभी का दुखों का नाश होगा।
ज्योतिषाचार्य पंडित अजय शर्मा ने बताया कि शनिवार को पूरे दिन दीपावली का शुभ योग है। इस बार की दीपावली पर न तो कोई भद्रा आ रही है और न ही कोई ग्रहण आदि पड़ रहा है। विधि-विधान से पूजन करने पर घरों में महालक्ष्मी का सदा वास बना रहेगा। शनिवार को स्थिर लगन में की गई पूजा विशेष फल मिलेगा। इस बार सुबह 8.10 बजे से 10.52 बजे तक वृश्चिक लग्न, अपराह्न 1.33 बजे से 2.40 बजे तक धनु लग्न और शाम 5.36 बजे से 8.10 तक वृष लग्न रहेगा। उन्होंने बताया कि इस दिवाली अमृत सिद्ध योग पर पड़ रही है। ऐसा करीब 37 साल बाद योग बन रहा है। पूरे दिन विशेष योग होने से दिवाली सभी के लिए शुभ रहेगी। इस अवधि में कोई भी कार्य करना शुभ रहेगा।
- पूजन की सामग्री
ज्योतिषाचार्य पंडित अजय शर्मा ने बताया कि दीपावली के पूजन की सामग्री बड़ी ही सरल और सुगम है। पूजन की सामग्री में उल्लू और कमल के फूल पर विराजमान लक्ष्मी की मूर्ति का विशेष महत्व है। सर्वप्रथम पंचामृत से लक्ष्मी गणेश व श्रीयंत्र का पंचामृत स्नान कराकर शुद्ध स्नान कराएं। इसके बाद रोली, चावल, लाल कपड़ा, श्रृंगार, विभिन्न आभूषण, धूप, दीप, मिष्ठान, फल, फूल, पान आदि रखना चाहिए। कपूर की आरती करनी चाहिये।
-कैसे करें दीपावली पूजन-
सर्वप्रथम नए वस्त्रों को धारण करना चाहिए। इसके बाद धन की देवी लक्ष्मी और गणेश की प्रतिमा को लाल आसन पर स्थापित कर घी का दीपक जलाना चाहिए। लक्ष्मी और गणेश को लाल गुलाब, कमल का फूल आदि से पूजा करनी चाहिए। इसके अलावा विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ पंच मेवा, अनार का भोग लगाकर फल आदि चढ़ाना चाहिए। इसके उपरांत आरती करके खील बताशे आदि चढ़ाएं।
- दिवाली पूजन और महत्व
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि एक थाली में 11, 21 या 16 दीपकों को गाय के घी या तिल के तेल डालकर दीप दान करें। गणपति लक्ष्मी की धातु की प्रतिमा (चांदी, पीतल आदि) का ही पूजा करने का विशेष महत्व है। इन्हें हम पंचामृत आदि से स्नान करा सकते हैं। गणपति लक्ष्मी की धातु की प्रतिमा का कभी विसर्जन नहीं किया जाता। यह जितने अधिक समय रखी जाती है, इनमें उतना ही ज्यादा गणपति व लक्ष्मी का वास सदा के लिए होकर सिद्ध हो जाती हैं।
रंगोली से सजाएं घर-आंगन
दीपावली पर रंगोली से सजाने से लक्ष्मी मां प्रसन्न होती है। घर धन्य धान्य से भरा है। आटे से रंगोली बनाने का अपना विशेष ही महत्व है।