प्रदूषण बोर्ड ने एनएचएआई पर लगाया करीब 90 लाख का जुर्माना
हापुड़। हाईवे-9 निर्माण के दौरान प्रदूषण के मानकों का ध्यान न रखने पर उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एनएचएआई पर 90 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया है। बोर्ड का मानना है कि पिछले एक साल में एनएचएआई की लापरवाही से हाईवे निर्माण के दौरान क्षेत्र की हवा खराब हुई है। बोर्ड ने हापुड़ की दो फैक्ट्रियों पर भी बड़ी कार्रवाई करते हुए 51 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
हाईवे-09 निर्माण के दौरान एनएचएआई द्वारा डासना से हापुड़ तक एक्स्प्रेस-वे का निर्माण कराया गया। निर्माण कार्य के दौरान प्रदूषण बोर्ड के नियमों का भी पालन करना जरूरी था। लेकिन एनएचएआई के अधिकारियों ने इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। जिसके कारण क्षेत्र की आबोहवा काफी खतरनाक स्तर पर पहुंच गई। एयर क्वालिटी इंडेक्स में काफी इजाफा पाया गया। ऐसे में पिछले एक साल में बरती गयी लापरवाही को लेकर उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा एनएचएआई पर कुल 90,23,437 रुपये का जुर्माना लगाया है।
इसके अलावा बोर्ड ने उन फैक्ट्रियों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है, जो मानकों की अनदेखी कर प्रदूषण फैला रही हैं। बोर्ड ने हापुड़ की ऐसी ही दो फैक्ट्रियों के खिलाफ कार्रवाई की है, जो बायलर में प्लास्टिक का प्रयोग कर रही थी। बोर्ड ने दिल्ली रोड स्थित वेद सेलुलोज पर 26 लाख 25 हजार व मोदीनगर रोड स्थित आरएसी पेपर लिमिटेड पर 24 लाख 75 हजार का जुर्माना लगाया है। दोनों कंपनियों का बोर्ड के अधिकारियों ने नौ अक्तूबर को निरीक्षण किया गया था, जहां बायलर में प्लास्टिक जलती पाई गई।
प्रदूषण फैलाने वाले कोल्हुओं पर भी होगी नजर--
अक्सर देखने में आता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में गुड़ बनाने वाले कोल्हू क्रेशर भट्टियों में सूखी खोई के स्थान पर प्लास्टिक वेस्ट का प्रयोग करते हैं। जिससे वायु प्रदूषण काफी होता है जो वातावरण के लिए काफी हानिकारक साबित होती है। कोल्हू संचालकों को भी कई बार मानकों का ध्यान रखने के आदेश दिए गए लेकिन इसके बाद भी इनके द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। प्रदूषण बोर्ड इस बार ऐसे कोल्हू संचालकों पर कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
कोट--
बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा ने बताया कि इन दिनों वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। ऐसे में चाहे वो औद्योगिक इकाई हो या फिर निर्माणदायी संस्था। नियमों का पालन न करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड ने इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र भेजकर निरीक्षण कर कार्रवाई करने के लिए कहा है।