नियुक्ति में धांधली पर फंसे प्रधानाध्यापक और एबीएसए
हापुड़। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने थाना देहात क्षेत्र के गांव जरौठी स्थित माध्यमिक विद्यालय में सहायक अध्यापकों की नियुक्ति के दौरान धांधली के मामले में प्रधानाध्यापक और प्रबंध संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इस मामले में वित्तीय लेखा नियंत्रक द्वारा गलत तरीके से शिक्षकों को आठ माह का वेतन दिलाने का मामला भी प्रकाश में आया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र गुप्ता ने बताया कि देहात क्षेत्र के गांव जरौठी स्थित किसान पूर्व माध्यमिक विद्यालय में पिछले वर्ष जुलाई माह में विद्यालय के प्रबंध संचालक मुंशीलाल सिंह और तत्कालीन प्रधानाध्यापिका बबीता त्यागी ने दो सहायक शिक्षक अध्यापकों सर्वेश कुमार व तरुण गुप्ता की नियुक्ति की थी। नियुक्ति के दौरान दोनों ने गुपचुप तरीके से रिश्वतखोरी करते हुए फर्जीवाड़ा किया था। मुंशीलाल सिंह वर्तमान में धौलाना खंड शिक्षा अधिकारी के पद पर कार्यरत है।
इतना ही नहीं इन लोगों ने नियुक्त प्रक्रिया के लिए आरोपियों ने बीएसए कार्यालय की विभिन्न फर्जी मुहरों का प्रयोग किया। नियुक्ति संबंधी दस्तावेजों पर बीएसए कार्यालय के डाक रिसीवर डिस्पैच कार्यालय सहायक आरिज अफजल के फर्जी हस्ताक्षर स्कैन कर दर्ज कर दिए। इस मामले में तत्कालीन वित्तीय लेखा नियंत्रक की संलिप्तता भी सामने आयी। आरोपियों ने वित्तीय लेखा नियंत्रक से साज कर आठ माह की करीब नौ लाख रुपये वेतन भी शिक्षकों को दिलवा दी। मामला संज्ञान में आने पर उन्होंने दोनों के खिलाफ विभागीय जांच कराई थी। जांच में दोनों आरोपियों को दोषी पाया गया।
थाना देहात प्रभारी निरीक्षक रविंद्र राठी ने बताया कि बेसिक शिक्षा अधिकारी की तहरीर के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।