गन्ना विभाग का वादा झूठा, किसानों के खातों में नहीं पहुंचा पैसा
हापुड़। सरकार भले ही किसानों की आय दोगुनी और 14 दिन के अंदर गन्ना भुगतान कराने का दम भर रही है। लेकिन जिले में यह प्रयास असफल साबित हो रहा है। गन्ना विभाग ने पांच सितंबर को मिल के अधिकारियों के साथ बैठक कर, दो दिन के अंदर किसानों को 11 करोड़ का भुगतान कराने का दावा किया था। लेकिन 10 दिन बीते के बाद भी खातों में कोई पैसा नहीं पहुंच सका है। किसान बैंकों के चक्कर लगाकर परेशान हो रहे हैं।
हापुड़ के अधिकांश किसानों की जीविका का सहारा गन्ना है। लेकिन शुगर मिल प्रबंधन और संबंधित विभाग की लापरवाही से किसानों को भुगतान समय से नहीं मिल रहा है। आलम यह है कि जिले के किसानों के खातों में सिर्फ 23 दिसंबर तक का ही पैमेंट पहुंच सका है, जबकि गन्ना आपूर्ति अप्रैल महीने तक की गई थी।
बहरहाल, जिले के दोनों शुगर मिलों पर किसानों का 426 करोड़ रुपये बकाया है। पांच सितंबर को गन्ना विभाग के अधिकारियों ने मिल के अफसरों के साथ बैठक की थी। जिसके बाद प्रेस विज्ञप्ति जारी कर, दो दिन के अंदर किसानों को दोनों मिलों से 11 करोड़ रुपये का भुगतान कराने का दावा किया गया था।
लेकिन 10 दिन बीतने के बाद भी किसानों के खातों में पैसा नहीं पहुंच सका है। आलम यह है कि किसान सुबह के समय बैंक पहुंच जाते हैं। लेकिन पैसा खाते में न आने के कारण उन्हें मायूस होकर वापस लौटना पड़ता है। आश्चर्य की बात यह है कि गन्ना विभाग के अधिकारी किसानों को कोई संतोषजनक जवाब भी नहीं दे रहे हैं।
गांव रसूलपुर निवासी जतिन चौधरी व मलूक सिंह ने बताया कि किसानों के खातों में भुगतान का कोई पैसा नहीं पहुंचा है। गन्ना समिति के अधिकारियों से वार्ता की गई थी, जिसमें उन्होंने बताया कि मिल से पूरा पैसा नहीं मिला है, जिसके चलते किसानों के खातों में पैसा नहीं पहुंचा है। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि गन्ना विभाग के दावों में कितनी सच्चाई है और किसानों के हित को लेकर वह कितने गंभीर हैं।
जिला गन्ना अधिकारी ओपी सिंह का कहना है किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है, सभी गन्ना उत्पादक किसानों के खातों में भुगतान का पैसा जल्द ही आ जाएगा।
जतिन त्यागी 14एचपीआर35