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एसपी से मुलाकात करने के 3 घंटे पहले हुई राकेश शर्मा की हत्या ! ण्ण्

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एसपी से मुलाकात के 3 घंटे पहले हुई राकेश की हत्या !
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हापुड़। धौलाना थाना क्षेत्र में भाजपा नेता राकेश शर्मा की सरेआम गोलियों से भूनकर हत्या किये जाने की वारदात, उनकी एसपी से मुलाकात के लिए निश्चित समय से 3 घंटे पहले की गई। मुलाकात की सूचना लीक होने की आशंका को देखते हुए पुलिस मृतक के नजदीकियों पर कड़ी नजर रख रही है। वहीं एसपी ने इस खुलासे में एसटीएफ को भी जिम्मेदारी सौंपी है।
जानकार सूत्रों का कहना है कि धौलाना थाना क्षेत्र के गांव करनपुर जट में 25 मई की रात्रि भाजपा के एक बूथ प्रभारी चंद्रपाल सिंह की गोली मारकर हत्या की गयी थी जिसका खुलासा करने में पुलिस नाकाम रही थी।
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धौलाना मंडल भाजपा के महामंत्री और इसी गांव के निवासी राकेश शर्मा उक्त हत्याकांड में पैरोकारी कर रहे थे। उनके साथ अनेक भाजपाइयों ने विगत दिवस भाजपा के प्रदेश मंत्री वाईपी सिंह से मुलाकात कर पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया था।
प्रदेश मंत्री वाईपी सिंह का कहना था कि उन्होंने धौलाना के थाना प्रभारी निरीक्षक सुबोध सक्सेना और एसपी डा. यशवीर सिंह से भी वार्ता कर आवश्यक कार्यवाई के लिये कहा था।
सूत्रों का कहना है कि इसी के बाद राकेश शर्मा समेत कुछ भाजपा नेता सोमवार को पूर्वाह्न 11 बजे एसपी से मिलकर चंद्रपाल हत्याकांड के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर वार्ता करने वाले थे।
माना जा रहा है कि इन लोगों के पास उक्त हत्याकांड को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी थी। लेकिन समझा जाता है कि किसी तरह इस मुलाकात की सूचना लीक हो गई। परिणामस्वरूप सोमवार की सुबह घर से बाइक पर सवार होकर सपनावत पुलिस चौकी के पास पहुंचे राकेश शर्मा की करीब 8 बजे सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई।
एसपी डा यशवीर सिंह ने बताया कि यह बात सही है कि सोमवार को राकेश शर्मा समेत कुछ लोग उनसे मुलाकात करने आने वाले थे। लेकिन इससे पहले ही राकेश शर्मा की हत्या हो जाना बेहद गंभीर मामला है।
उनका मानना है कि उनके नजदीकियों में से ही कोई व्यक्ति ऐसा हो सकता है जिसने उनके कार्यक्रम को लीक किया हो। इसी आशंका को ध्यान में रखकर सर्विलांस की मदद से हत्याकांड से पूर्व और बाद की मोबाइल कॉल डिटेल खंगाली जा रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना का खुलासा करने के लिए थाना पुलिस, फील्ड यूनिट, एसओजी, सर्विलांस के साथ ही एसटीएफ की मदद भी ली जा रही है।
उन्होंने माना कि धौलाना विधान सभा क्षेत्र में कुछ ही समय में तीन लोगों की हत्या होना बेहद गंभीर मामला है। इनमें से एक घटना का खुलासा हो चुका है तथा इन दोनों हत्याओं का भी शीघ्र खुलासा कर हत्यारों को गिरफ्तार किया जाएगा। वह स्वयं इस मामले पर नजर रखे हुए हैं।
इंस्पेक्टर की दो बार तैनाती में अपराध बढ़ने पर सवाल
माई सिटी रिपोर्टर
हापुड़। धौलाना थाने में दूसरी बार इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सक्सेना की तैनाती और अपराध बढ़ने पर सवाल उठ रहे हैं। भाजपाई इस मामले को लखनऊ तक पहुंचाने में जुटे हैं।
दरअसल सुबोध कुमार सक्सेना पहली बार सितंबर 2018 में धौलाना के थाना प्रभारी निरीक्षक बने थे, तब दो दिन बाद ही 11 सितंबर को ढहाना गांव की एक मासूम बच्ची की बहुत ही जघन्य तरीके से दुष्कर्म के बाद हत्या कर शव को तालाब में फेंक दिया गया था। लेकिन तमाम विरोध प्रदर्शन के बावजूद उक्त घटना का खुलासा नहीं हो सका। उस दौरान भी धौलाना थाना क्षेत्र में अपराध काफी बढ़े थे। आखिर उन्हें हटा दिया गया था।
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हापुड़ जिले का नया कप्तान बनने के बाद डा. यशवीर सिंह ने सुबोध कुमार सक्सेना को फिर से एक जुलाई को धौलाना थाना प्रभारी निरीक्षक नियुक्त कर दिया।
उनके कार्यभार संभालने के 10 दिन में चार हत्याएं हुई। इसमें भी एक भाजपा कार्यकर्ता की हत्या हुई थी जिसे आत्महत्या बताकर रफा दफा करा दिया गया। करीब सवा महीने पहले धौलाना पिलखुवा रोड पर रजवाहे के पास एक युवती की सरेआम गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। उस दिन डीजीपी नोएडा में आए हुए थे। भाजपाइयों को धौलाना विधान सभा क्षेत्र में तीन प्रमुख नेताओं की हत्या होने से धौलाना के थाना प्रभारी निरीक्षक सुबोध कुमार सक्सेना की कार्यशैली पर सवालिया निशान लग रहे हैं। अब यह मामला लखनऊ तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
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