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गढ़ गंगा कार्तिक मेले के लिए समिति का गठन

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कार्तिक मेले के लिए समिति का हुआ गठन
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हापुड़। जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में गढ़ गंगा कार्तिक मेले के लिए नौ सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। इसके अलावा जिला पंचायत की आय बढ़ाने के लिए 350 फैक्ट्रियों से करीब दो करोड़ रुपये के बकाया कर वसूली का निर्णय लिया गया। पिछले वर्ष लगे कार्तिक पूर्णिमा गंगा मेले के ठेकेदारों के बकाया भुगतान पर भी चर्चा की गई।
मेरठ रोड स्थित सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में आयोजित जिला पंचायत की बोर्ड बैठक अध्यक्ष अमृता कुमार की अध्यक्षता में दोपहर करीब साढ़े 11 बजे बैठक शुरू हुई। सांसद राजेंद्र अग्रवाल और विधायक विजयपाल आढ़ती की उपस्थिति में अपर मुख्य अधिकारी प्रणव पांडेय ने प्रस्ताव पढ़े। बैठक में गढ़ गंगा कार्तिक पूर्णिमा मेले के लिए कमेटी का गठन किया गया। जिसमें नरेंद्र सिंह, कृष्णकांत हूण, आबिदा चौधरी, अफसार, कमलेश, नवीन शर्मा, जीत राम, प्रीतम चौधरी व उमेश वर्मा को सदस्य मनोनीत किया गया।
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इसके अलावा पिछले वर्ष मेले के ठेकेदार का भुगतान ना होने की जानकारी देते हुए बताया गया कि ठेकेदार को दो करोड़ में से मात्र 65 लाख का ही भुगतान हो सका है। इसलिए शासन से जिला पंचायत निधि से बकाया भुगतान करने की अनुमति की मांग करनी चाहिए। सदस्य नरेंद्र मावी और कृष्णकांत सिंह ने आपत्ति जताते हुए कहा कि यह यही नहीं है। जल्दी ही मेले का आयोजन होना है, ऐसे में अभी तक भुगतान नहीं होना मेले में बाधा पहुंचा सकता है। ठेकेदार का भुगतान कराया जाए। बैठक में ठेकेदारों द्वारा विभिन्न निर्माण कार्यों में देरी पर सदस्यों ने नाराजगी जताई। सदस्यों ने कहा कि जो भी ठेकेदार तय समय सीमा के बाद भी कार्य शुरू और पूरा नहीं करता है। उसे ब्लैक लिस्ट करते हुए दस प्रतिशत की धनराशि उसकी जमा कर ली जाए। इस पर अधिकारी अमल जरूर करें।
जिला पंचायत सदस्य नवीन पंडित और हरेंद्र सिंह ने विभाग की कर वसूलने की नीति को गलत बताया। अपर मुख्य अधिकारी प्रणव पांडेय ने बताया कि धौलाना मसूरी मार्ग पर 350 फैक्ट्रियां है। जो कि पिछले 2006 से कर जमा नहीं कर रही हैं। करीब दो करोड़ रुपये का कर इनसे विभाग जमा करायेगा। इसके अलावा सात सड़कों को गड्ढामुक्त करने का प्रस्ताव भी पास कर दिया गया।
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दोपहर करीब साढ़े 12 बजे जैसे ही पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के निधन की सूचना मिलते ही बैठक की कार्रवाई को रोक दी गयी। इसके बाद सभी ने दो मिनट का मौन रखकर पूर्व वित्त मंत्री को श्रद्धांजलि दी और बैठक की कार्रवाई को समाप्त कर दिया गया।
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