जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद सरकार सुरक्षा में कोई समझौता नहीं करना चाहती है। इसलिए रक्षाबंधन पर इस बार जम्मू कश्मीर में डाक विभाग द्वारा कोई पार्सल नहीं भेजा जाएगा। जम्मू कश्मीर के अलावा सीमा की सुरक्षा में लगे जवानों की कलाई राखी के बिना सूनी रहेंगी। मुख्यालय से आदेश आने के बाद से बहनें डाकघरों के काउंटर से मायूस लौट रही हैं।
15 अगस्त को देशभर में आजादी के जश्न के साथ-साथ रक्षाबंधन का त्योहार भी मनाया जाएगा। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसकी दीर्घ आयु की कामना करती हैं। सरहदों की सुरक्षा में लगे जवानों को कई बार छुट्टियां नहीं मिल पाती। ऐसे में बहनों को डाक आदि से राखियां पार्सल करनी पड़ती हैं। रक्षाबंधन से 10 दिन पहले ही बहनें डाकघर जाकर राखी भेजनी शुरू कर देती हैं। स्कूलों से भी छात्राओं द्वारा बड़ी संख्या में राखी जवानों के लिए भेजी जाती हैं। लेकिन इस बार जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद वहां सतर्कता का माहौल बना हुआ है।
सरकार जम्मू कश्मीर की सुरक्षा में कोई चूक नहीं करनी चाहती। इसलिए पार्सल आदि पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है। मुख्यालय से समस्त डाकघरों को इस संबंध में आदेश प्राप्त हो गए हैं।
आलम यह है कि जम्मू कश्मीर में तैनात जवानों के लिए बहनें राखी पार्सल करने पहुंच रही हैं। लेकिन शासन के आदेश का हवाला देते हुए डाक अधिकारी कोई पार्सल जम्मू न भेजने की बात कह रहे हैं। ऐसे में बहनों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ रहा है।
डाकघर के काउंटरों पर लगी लंबी कतार
डाकघरों के काउंटरों पर इन दिनों राखी भेजने वाली बहनों व लोगों की लंबी कतार लगी है। व्यवस्था बनाने में कर्मियों के पसीने छूट रहे हैं।
वाटर प्रूफ लिफाफे बन रहे पसंद
बरसात के मौसम में राखी को नुकसान न पहुंचे। इसके लिए बहनें वाटर प्रूफ लिफाफों को वरियता दे रही हैं। यह लिफाफे डाकघर से मिल रहे हैं।
कार्यवाहक पोस्ट मास्टर कुंवर सैन चौहान का कहना है कि मुख्यालय से आदेश मिल चुका है। जम्मू कश्मीर का फिलहाल कोई पार्सल बुक नहीं किया जा रहा। अग्रिम आदेशों का इंतजार किया जा रहा है।