शहीद के परिवारों से ठगी कर जुटाई करोड़ों की संपत्ति
हापुड़। मुठभेड़ के बाद कोतवाली पुलिस के हत्थे चढ़ा हरेंद्र बड़ा ही शातिर अपराधी है। सीआरपीएफ के फर्जी आईकार्ड और वर्दी के साथ उसने दर्जनों शहीदों के परिवारों को ठगी का शिकार बनाकर करोड़ों रुपये की संपत्ति एकत्र की है। बड़ी बात है कि ठगी के मामले में वह छह साल की सजा भी काट चुका है। पुलिस उसका पूरा रिकार्ड खंगाल रही है।
हापुड़ के सर्वोदय नगर कालोनी निवासी शहीद शोभित शर्मा के परिजनों से छह जून को सीआरपीएफ की वर्दी में उनके घर पहुंचे ठग ने शातिराना तरीके से सात लाख रुपये ठग लिए थे। मामले का मुकदमा कोतवाली में दर्ज कराया गया था। तभी से पुलिस इसकी तलाश कर रही थी। पुलिस की पूछताछ और जांच में पता चला है कि इसका निशाना शहीद के परिजन ही रहते थे। ठगों ने पाकिस्तानी सेना द्वारा बार्डर से अगवा कर सिर काटने की घटना में शहीद हुए मथुरा के गांव शेरनगर निवासी सैनिक हेमराज के परिवार से वर्ष 2013 में दस लाख की ठगी की थी। बड़ी बात यह है कि वह इस मामले में छह साल की सजा भी काट चुका। उस दौरान उसने सेना की वर्दी में अमित नाम से ठगी को अंजाम दिया था। वह आर्मी हेडक्वार्टर से आने की बात कहकर हेमराज के परिजनों से मिला था। इसके अलावा राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश के झांसी में भी शहीद के परिवारों से करोड़ों रुपये ठगे हैं। एएसपी सर्वेश कुमार मिश्र ने बताया कि आरोपी फर्जी आईकार्ड और दस्तावेजों के माध्यम से शहीदों के परिजनों को मुआवजे की बड़ी राशि दिलाने के बहाने घर पहुंचता था। इस दौरान बैंक उन्हें बैंक ले जाकर टैक्स का हवाला देकर उनके खाते में जमा धनराशि को निकालने या किसी और खाते में ट्रांसफर करने का झांसा देकर ठगी कर लेता था। शहीदों का पूरा रिकार्ड व ऑन लाइन हासिल करता था। उसने इसी ठगी के पैसे से गौतमबुद्धनगर में करोड़ों की संपत्ति अर्जित की है। जबकि उसका दूसरा साथी उसकी मदद करता था।