एनएचएआई के अफसरों व पिकअप चालक की लापरवाही से गई मासूमों की जान
हापुड़। हाफिजपुर थाना क्षेत्र के गांव सादिकपुर के पास रविवार की रात्रि करीब 10.45 बजे हुए हादसे में दस मासूमों की मौत होने के मामले में एनएचएआई के अफसरों और पिकअप के चालक की लापरवाही सामने आई है। सादिकपुर से आगे एक पुल का निर्माण चल रहा है जिस पर काफी दिन से कार्य बंद पड़ा है। इसके कारण यहां वन-वे ट्रैफिक है। ग्रामीणों को अनुसार रात के अंधेरे में पिकअप वाहन गलती से दूसरी लेन में चला गया होगा वहां सामने से आ रहे वाहन से गाड़ी टकरायी होगी।
अमर उजाला टीम ने सोमवार की सुबह दुर्घटनास्थल के आसपास रहने वाले लोगों से बातचीत की तथा हाफिजपुर थाने जाकर भी जानकारी जुटाई। पता चला कि बच्चों से भरी पिकअप से टकराने वाला वाहन कैंटर है। लेकिन उसके बारे में कोई सुराग नहीं लग सका। शायद यही कारण है कि इस हादसे की रिपोर्ट दर्ज कराने वाले सालेपुर कोटला निवासी खलील ने अज्ञात वाहन से पिक अप के टकराने का उल्लेख किया है। उधर सादिकपुर के लोगों का कहना था कि एनएचएआई के अधिकारियों की लापरवाही भी इस दुर्घटना का मुख्य कारण है। दरअसल सादिकपुर से आगे एक पुल का निर्माण चल रहा है जिस पर काफी दिन से कार्य बंद पड़ा है।
ऐसे में एनएचएआई के अफसरों ने उक्त इलाके में बुलंदशहर की ओर से हापुड़ को आने वाली साइड से ट्रैफिक को डायवर्ट कर वन वे किया हुआ था।
आश्चर्य की बात है कि 9 मीटर चौड़ी इस एक साइड के बीच पेंट से कोई पट्टी तक नहीं खींची गई ताकि वाहन अपनी अपनी साइड में चलते रहे। समझा जाता है कि इस लापरवाही के कारण तेज गति से पिकअप सामने से आने वाले वाहनों की लेन पर चला गया।
उधर जब उसके चालक ने सामने से आते वाहन से अपने को बचाने के लिए अपनी साइड में जाने का प्रयास किया, संभवता तभी हादसा हो गया। हालांकि एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर मेरठ दिनेश चतुर्वेदी का कहना है कि उक्त पुल का निर्माण बरसात के कारण रोकना पड़ा है। वह इस हादसे के लिए एनएचएआई को नहीं बल्कि पिकअप के चालक को जिम्मेदार मानते हैं जो बच्चों और महिलाओं समेत 29 सवारी लेकर चल रहा था। इतना जरूर है कि अब वह यह कह रहे हैं कि एक माह में पुल का निर्माण करा दिया जायेगा ताकि दोनों साइडों में वाहनों का आवागमन शुरू हो सके।
कोट-
अपर पुलिस अधीक्षक डा सर्वेश कुमार मिश्र का कहना था कि दुर्घटना के कारणों की गहनता से जांच की जा रही है। फिलहाल इस बारे मेें अभी कुछ नहीं जा सकता है।
100 मीटर तक बिखरे पड़े थे मृतकों के शव
दुर्घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचने वाले सादिकपुर के हमवीर सिंह का कहना है कि करीब 100 मीटर तक मृतकों के शव और घायल बिखरे पड़े थे क्योंकि पिकअप में कैंटर या किसी अन्य वाहन की साइड लगने के बाद उसकी बॉडी की एक साइड फट गयी थी। इसके बावजूद वह कम से कम 100 मीटर दूर जाकर रुकी थी। उन्होंने यह भी बताया कि दुर्घटनास्थल से पहले एक दूधिया ने उक्त पिक अप को काफी तेज रफ्तार से गुजरते हुए देखा जिसके कुछ क्षण बाद ही हादसा हो गया। घटनास्थल पर मौजूद लोगों का यह भी कहना था कि शायद पिक अप चालक को दुर्घटना का आभास हो गया था, तभी उसने अपनी साइड सुरक्षित बचा ली और इसी के बाद उसकी पीछे की बॉडी में सामने से आते वाहन की साइड लग गई।
पुलिस छावनी में तब्दील हो गया था घटनास्थल
ग्रामीणों ने बताया कि कुछ देर मे घटनास्थल पुलिस छावनी में तब्दील हो गया था। घायलों को उठाकर अस्पताल भिजवाने के साथ ही पुलिस ने धीरे धीरे ट्रैफिक को चालू रखा ताकि जाम की स्थिति न बनें।
एआरटीओ ने पिकअप का किया निरीक्षण
दुर्घटना के बाद से हाफिजपुर थाने में खड़ी पिकअप का सोमवार को पूर्वाह्न करीब 11 बजे हापुड़ के एआरटीओ प्रवर्तन अधिकारी ने थाने जाकर निरीक्षण किया। यह जानकारी थाना पुलिस ने दी।