छुट्टा गोवंश छोड़ने वाले प्रशासन की रडार पर
हापुड़। सरकारी मशीनरी बेसहारा गोवंशों को पकड़कर अस्थाई गौ आश्रय स्थलों में पहुंचा रही है, लेकिन फिर भी निकायों में बेसहारा गोवंशों से छुटकारा नहीं मिल पा रहा है। प्रशासनिक अफसरों के पास किसानों के माध्यम से शिकायतों का पहुंचना जारी है। अब सरकारी मशीनरी ने ऐसे लोगों को चिन्हित करने के आदेश दिए हैं, जो गोवंशों को छोड़ रहे हैं। अब ऐसे लोग प्रशासन की रडार पर है।
प्रदेश सरकार किसानों को बेसहारा गाौवंशों से छुटकारा दिलाने की कवायद कर रही है। हापुड़ जिले में 45 अस्थाई गौ आश्रय स्थल बनाए गए हैं। इनमें करीब 1370 बेसहारा गौवंशों को पहुुंचाया जा चुका है, लेकिन धरातल पर अभी भी बेसहारा गौवंशों की समस्या पूरी तरह से हल नहीं हो पाई है। ग्रामीण प्रशासन ने अभी भी गौवंशों को लेकर शिकायत कर रहे हैं। वहीं सरकारी मशीनरी के लिए गौवंश पकड़वाए जाने के बाद भी फिर भी समस्या का समाधान नहीं होना यक्ष प्रश्न बना हुआ है। इससे गौवंशों को लगातार छोड़ जाने का अंदेशा जताया जा रहा है।
- जिले का हाल..
अस्थाई गौ आश्रय स्थल- 45
शहरी क्षत्र में आश्रय स्थल- 40
देहात क्षेत्र में आश्रय स्थल- 40
पकड़े गए गौवंश- 1370
निर्माणधीन कान्हा गौशाला- 2
छोड़ा गौवंश, होगी सख्त कार्रवाई
- प्रशासनिक अफसर दूध नहीं देने वाले, बूढ़े गौवंश व छोटे मेल गौवंश को छोडने वालों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। अगर कोई गौवंशों को छोड़ता हुआ पाया जाता है तो प्रशासन ऐसे लोगों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करेगा। इन पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई भी हो सकती है।
एडीएम जयनाथ यादव ने बताया कि छुट्टा गौवंश छोड़ने वालों पर पैनी नजर रखी जा रही है। निकायों को निर्देश दिए गए हैं कि गौवंश छोड़ने वालों को चिन्हित किया जाए। किसी भी हाल में छुट्टा गौवंश छोड़ने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।