सिंभावली ब्लॉक पहुंची सीबीआई की टीम, ऋण घोटाले के जुटाए साक्ष्य
गढ़मुक्तेश्वर। 2013 में सिंभावली चीनी मिल द्वारा किसानों की फर्द पर फर्जी तरीके से ऋण निकालने के मामले में सीबीआई की टीम बुधवार को सिंभावली ब्लॉक पहुंची और वहां क्षेत्र के ग्राम प्रधानों और ग्राम विकास अधिकारियों से पूछताछ की।
सिंभावली चीनी मिल ने किसानों के फर्द पर 2013 में 5762 किसानों के नाम पर गाजियाबाद की ओरियंटल बैंक की शाखा से 148 करोड़ रुपये का ऋण लिया था। जिसका पता लगते ही किसानों में हड़कंप मच गया और इस बात की जानकारी ओरियंटल बैंक के अधिकारियों को भी लग गई थी। जिसके बाद ओरिंयटल बैंक के उच्चाधिकारियों ने इस प्रकरण में सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। 2018 में सीबीआई को इस संबंध में जांच में जुट गई, चार साल बाद भी सीबीआई चीनी मिल द्वारा किसानों के नाम पर लिए गए ऋण के मामले में जांच कर रही है। बता दें कि बुधवार को सीबीआई सिंभावली ब्लॉक पहुंची, जहां उन्होंने ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम प्रधानों से सूची के आधार पर गांव के किसानों की जानकारी की। जिन किसानों के नाम पर लोन है, क्या वह जीवित है, वह कहां रहते हैं। इस तरह से करीब एक दर्जन ग्राम प्रधान और 5 वीडीओ से पूछताछ हुई। वीडीओ ने संबंधित किसानों के बारे में परिवार रजिस्टर के आधार पर जानकारी साझा की।
किसानों को मिल सकता है न्याय
केंद्र की सबसे बड़ी एजेंसी चीनी मिल के प्रकरण में जांच कर रही है, जिससे किसानों को लगने लगा है कि जल्द ही सीबीआई इसका खुलासा करेगी और किसानों को न्याय मिलेगा। - देवेंद्र ढींगरा, ग्राम प्रधान खुडलिया
फर्द किसी और की, फोटो अनजान के
सिंभावली चीनी मिल के प्रकरण में जांच में कई किसानों की फर्द में फोटो किसी अन्य व्यक्ति के हैं, जबकि फर्द पर अन्य व्यक्ति का नाम लिखा हुआ है। इस घपले का खुलासा होना चाहिए। - शाहकमाल चौधरी ग्राम प्रधान सैना
कर्ज लेकर भी नहीं किया भुगतान
सिंभावली चीनी मिल ने किसानों के बकाया भुगतान के लिए 148 करोड़ रुपये का ऋण तो ले लिया था, लेकिन उसके बावजूद भी किसानों का बकाया भुगतान नहीं कराया गया। - अरविंद ग्राम प्रधान बंगौली
कोट-
चीनी मिल द्वारा किसानों के नाम पर कोई कर्ज नहीं लिया गया है, जो भी लोन है, वह चीनी मिल का है। जिसको उतारने की जिम्मेदारी चीनी मिल की है। करन सिंह, सीजीएम