बिजनौर बैराज से 1 लाख दो हजार क्यूसिक पानी छोड़ा गया
गढ़मुक्तेश्वर। पहाड़ों के साथ ही मैदानों में हुई झमाझम बारिश से दो दिनों से गढ़-ब्रजघाट क्षेत्र में गंगा के स्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। सोमवार की शाम से मंगलवार की शाम तक एक बार फिर 65 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी होकर जलस्तर 198.75 मीटर तक पहुंच गया है। गंगा के उफान के चलते खादर क्षेत्र के गांवों में फिर से बेचैनी व्याप्त हो गई है। वहीं बिजनौर बैराज से मंगलवार को भी पानी डस्चार्ज किया गया है।
पहाड़ों के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में भी झमाझम बारिश होने का सिलसिला जारी है। इससे पिछले दो ब्रजघाट गंगा के स्तर में फिर से बढ़ोतरी का सिलसिला शुरू हो गया है। सोमवार की देर शाम तक जहां ब्रजघाट में गंगा जलस्तर 198.10 मीटर के निशान पर था। सोमवार से मंगलवार की शाम तक एक बार फिर 65 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इससे गढ़-ब्रजघाट में गंगा का जलस्तर 198.75 मीटर (समुद्र तल से) दर्ज किया गया। जलस्तर में बढ़ोतरी होने से खादर के गांव के निचले जंगल में गंगा का पानी पहुंचना शुरू हो गया है। इससे चक लठीरा, गड़ावली, नयाबांस, आरकपुर, शाकरपुर, रामपुर न्यामतपुर, इनायतपुर, अब्दुल्लापुर समेत दो दर्जन से भी अधिक गांवों में रहने वाले हजारों परिवारों में बेचैनी है। उन्हें पहाड़ों पर झमाझम बारिश का सिलसिला धीमा न पड़ने पर इसी तरह जलस्तर में बढ़ोतरी होने से गंगा नदी में बाढ़ आने का डर सता रहा है।
वहीं कुछ ही घंटों के भीतर जलस्तर में इतनी बढ़ोतरी होने से पानी का बहाव तेज होने पर गंगा नदी अपने किनारे से जुड़े जंगल में भूकटान भी कर रही है। इससे खेतों में उगाई हुई कई बीघा फसल भू-कटान के साथ जलधारा में समाने लगी है। मेवराम, निहाल सिंह का कहना है कि जलस्तर में बढ़ोतरी होने से गंगा नदी के किनारे वाले निचले जंगल में खड़ी फसलों में काफी नुकसान हो रहा है।
- बिजनौर से छोड़ा गया एक लाख क्यूसेक से अधिक जल
केंद्रीय जल आयोग मेरठ के अनुसार मंगलवार की शाम ब्रजघाट मे गंगा जलस्तर 198.75 मीटर दर्ज किया गया। वहीं मंगलवार को बिजनौर बैराज से एक लाख दो हजार क्यूसिक पानी डिस्चार्ज किया गया है, जो बुधवार को क्षेत्र में पहुंचेगा। इससे जलस्तर में और बढ़ोतरी होगी। एसडीएम अरविंद द्विवेदी का कहना है कि पहाड़ों समेत मैदानी इलाकों में मानसूनी बारिश होने से गंगा के स्तर में बढ़ोतरी होना सामान्य बात है, लेकिन फिलहाल बाढ़ आने जैसी कोई भी संभावना नहीं है। फिर भी एहतियाती तौर पर सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। संवाद