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सिंभावली से गाजीपुर बॉर्डर भेजा दूध व राशन

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सिंभावली से गाजीपुर बॉर्डर भेजा दूध व राशन
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गढ़मुक्तेश्वर। पिछले दस दिनों से गढ़-सिंभावली क्षेत्र से गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों के लिए दूध व राशन भेजने का सिलसिला लगातार जारी है। सिंभावली क्षेत्र से दूध भेजते हुए भाकियू कार्यकर्ताओं ने आंदोलनकारियों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने देने की बात कही।
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दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर करीब सात माह से कृषि कानूनों के विरोध में भाकियू राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रवक्ता समेत हाईकमान के निर्देश पर कार्यकर्ता लगातार आंदोलनरत हैं। जिनमें गढ़ क्षेत्र से भाकियू मंडल प्रवक्ता दिनेश खेड़ा, जिला महासचिव दिनेश त्यागी, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष बबली सिंह, युवा जिलाध्यक्ष जीते चौहान, अय्यूब प्रधान, परवेज चौधरी समेत सैकड़ों कार्यकर्ता लगातार धरना स्थल पर डटे हुए हैं। हाईकमान के निर्देश पर कृषि कानूनों को वापस नहीं लिए जाने तक आंदोलन और धरना प्रदर्शन जारी रखने की बात कही। लंबे समय से चल रहे आंदोलन में शामिल लोगों के खाने-पीने की सुविधा के मद्देनजर गढ़-सिंभावली क्षेत्र से कार्यकर्ता लगातार दूध भेज रहे हैं। जिला महासचिव चौधरी पंकज सिंह, राजेंद्र सिंह औलख, नितिन बालियान, सूरज अत्री, शेखर चौधरी के नेतृत्व में कार्यकर्ता 360 लीटर दूध लेकर गाजीपुर बॉर्डर के लिए रवाना हुए। इस मौके पर सरदार राजेंद्र सिंह ने कहा कि कृषि कानून किसानों के लिए किसी भी सूरत में फायदेमंद नहीं हैं, यह कानून किसानों के शोषण के लिए बनाए गए हैं। केंद्र सरकार को इन्हें हर हाल में वापस लेना ही होगा। कानूनों के वापस होने तक भाकियू कार्यकर्ताओं की घर वापसी भी नहीं होगी। गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों व कार्यकर्ताओं के लिए दूध समेत राशन, सब्जी व अन्य सामान की किल्लत नहीं होने दी जाएगी।
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