बाढ़ का खतरा : गढ़-ब्रजघाट के जलस्तर में फिर 40 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई
गढ़मुक्तेश्वर। पहाड़ों पर बारिश और बिजनौर बैराज से जल छोड़े जाने के चलते गढ़-ब्रजघाट में गंगा जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। बाढ़ कंट्रोल रूम केअनुसार रविवार की शाम छह बजे बिजनौर बैराज से 3.48 लाख 243 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज चल रहा है। इस वजह से सोमवार को गढ़-ब्रजघाट पहुंचने पर जलस्तर में और भी बढ़ोतरी होगी।
रविवार की शाम तक गढ़ गंगा में 40 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी होकर जलस्तर 198.67 मीटर तक पहुंच गया। खादर के निचले जंगल में गंगा का पानी पहुंचने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है, जिससे ग्रामीणों में बेचैनी भी बढ़ रही है। उधर एसडीएम ने खादर क्षेत्र में पहुंचकर निरीक्षण किया। शुक्रवार से शनिवार की देर शाम तक गढ़-ब्रजघाट क्षेत्र में गंगा का जलस्तर 198.27 मीटर तक पहुंच गया था। जिसमें रविवार को भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। रविवार को बिजनौर बैराज से डिस्चार्ज किया गया 2 लाख 90 हजार 334 क्यूसेक पानी गढ़ क्षेत्र में पहुंचा, जिससे रविवार की देर शाम जलस्तर में 40 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। रविवार की शाम ब्रजघाट में जलस्तर 198.67मीटर(समुंद्र तल से) दर्ज किया गया। वहीं रविवार की शाम बिजनौर से डिस्चार्ज किया गया जल सोमवार की देर शाम तक गढ़ पहुंचेगा। जिससे जलस्तर और बढ़ेगा।
खादर के निचले जंगल में भरने लगा पानी
रविवार को 40 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी होने पर जलस्तर 198.67मीटर होने के बाद गढ़ के गंगा तटीय गांव कुदैनी की मढ़ैया, लठीरा एतमाली, गडावली, चक लठीरा समेत कई गांवों के निचले जंगल में पानी भरने लगा है। जलस्तर में बढ़ोतरी होने से ग्रामीणों को बाढ़ की आशंका सता रही है।
खतरे का निशान 67 सेंटीमीटर ऊपर
तहसीलदार विवेक भदौरिया ने बताया कि रविवार की देर शाम ब्रजघाट में गंगा जलस्तर 198.67मीटर तक पहुंच गया है। जबकि रेड अलर्ट 199.34मीटर के निशान पर है। अभी गंगा रेड अलर्ट से 67 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। बाढ़ चौकियां पूरी तरह अलर्ट हैं।,
एसडीएम ने किया खादर क्षेत्र का निरीक्षण
रविवार को बाढ़ की आशंका के मद्देनजर एसडीएम विजयवर्धन तोमर ने गंगा तटीय गांव लठीरा, कुदैनी समेत अन्य गांवों के जंगलों व गंगा तट पर पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने अधीनस्थों को बाढ़ से निपटने और ग्रामीणों की मदद के लिए हर समय तैयार रहने का निर्देश दिया है।
हम सतर्क हैं, अभी बड़ा खतरा नहीं
गंगा के जलस्तर में पिछले 24 घंटे में अनुमान के मुताबिक काफी कम बढ़ोतरी हुई है, जिससे फिलहाल बाढ़ की संभावना भी कम हैं। लेकिन बाढ़ चौकियों एवं बाढ़ कंट्रोल रूम के माध्यम से हर घंटे जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। वहीं बाढ़ आने पर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के समुचित प्रबंध कर लिए गए हैं। - विजयवर्धन तोमर, एसडीएम गढ़