धरातल पर लाएंगे सरकार की योजनाएं
गढ़मुक्तेश्वर। शपथ ग्रहण होने के साथ ही नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों ने गांवों में विकास कराने के लिए कमर कस ली है। गांव में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। वहीं शासन की योजनाओं का लाभ बिना किसी धांधली पत्रों को दिलाना भी युवा महिला ग्राम प्रधानों का लक्ष्य है। बच्चों के लिए लाइब्रेरी, खेल के मैदान जैसी सुविधाएं व ग्रामीणों को गांव में ही स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का भी प्रयास है। महिला प्रधान महिलाओं को सशक्त बनाने पर भी बल दे रही हैं।
-पहले शुद्ध पेजयल की उपलब्धता, साथ ही सफाई व सैनिटाइजेशन
गांव : फुलडेहरा/3000 आबादी
ग्राम प्रधान : गीता
उम्र : 26 वर्ष
शैक्षिक योग्यता : एमए
पृष्ठभूमि : पति अंकित किसान हैं, समाजसेवा के कामों में काफी समय से रुचि रही है। पढ़ाई के दौरान भी लोगों की मदद करने को हमेशा तैयार रही हैं। पहली बार चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।
गांव में पानी की टंकी का निर्माण नहीं हुआ है, जिसके चलते ग्रामीणों को हैंडपंपों का पानी प्रयोग करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी ग्रामीणों को कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। सड़कों-नालियों की सफाई, मरम्मत समेत अन्य मूलभूत सुविधाएं ग्रामीणों तक पहुंचाने का प्रयास है। शासन की योजनाओं का लाभ पात्रों को दिलाया जाएगा।
मेरा संकल्प :
1- ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पानी की टंकी का निर्माण
2-ग्रामीणों को गांव में ही स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अधिकारियों से वार्ता कर अस्पताल का निर्माण
3-बच्चों के लिए गांव में खेल का मैदान बनवाना, साफ-सफाई व सैनिटाइजेशन
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गांव- भरना/6000 आबादी
ग्राम प्रधान : मिथलेश शर्मा
उम्र : 40 वर्ष
शैक्षिक योग्यता: हाईस्कूल
पृष्ठभूमि : पति प्रेमप्रकाश शर्मा यूपी पुलिस में निरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं, जो वर्तमान में जनपद मुजफ्फरनगर में तैनात हैं। मिथलेश देवी महिला सशक्तीकरण के कार्यों से जुड़ी हुई हैं। पहली बार ग्राम प्रधान बनी हैं।
गांव में कई स्थानों पर सड़कें और नालियां क्षतिग्रस्त हैं। मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। स्ट्रीट लाइट न होने के कारण सड़कों पर रात के समय अंधेरा छाया रहता है। महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की आवश्यकता है।
मेरा संकल्प
1- महिलाओं के समूह का गठन कर धनराशि दिलवाना, ताकि स्वरोजगार आरंभ कर स्वावलंबी बने।
2-गांव में शिकायत पेटी लगाई जाएगी, ताकि कोई भी अपनी शिकायत उन तक पहुंचा सके।
3-श्रम विभाग का कैंप लगावाकर पात्रों के पंजीकरण कराने के साथ ही पात्रों को विधवा, वृद्धा व विकलांग पेंशन दिलवाना। संवाद