गंगा नदी का जलस्तर घटने से बाहर आने लगे जलीय जीव
गढ़मुक्तेश्वर। गर्मी में गंगा का जलस्टर कम होने से जलीय जीवों पर भी खतरा मंडराने लगा है। ऑक्सीजन में कमी होने के चलते जलीय जीव बाहर आने लगे हैं। खादर क्षेत्र में शनिवार को एक घड़ियाल गंगा किनारे आ पहुंचा। गंगा किनारे अंतिम संस्कार में पहुंचे लोगों में भय का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची वन विभाग टीम ने काफी तलाश किया लेकिन घड़ियाल नहीं मिला। वन विभाग घड़ियाल की तलाश कर रही है।
पिछले कुछ दिनों से गंगा के जल स्तर में कमी आई है। वहीं गंगा में प्रवाह नहीं होने के कारण ऑक्सीजन का स्तर भी कम हो रहा है। लगातार ऑक्सीजन कम होने जलीय जीवों पर खतरा मंडराने लगा है। जान बचाने के लिए जलीय जीव गंगा नदी से निकलकर बाहर आ रहे है।
ऐसे में गंगा स्नान करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी खतरा बन गया है। वहीं खादर क्षेत्र में खेती करने वाले किसानों में भी बेचैनी बनी हुई है।
गढ़ खादर क्षेत्र में गंगा किनारे गांव लठीरा के पास शुक्रवार की शाम को कुछ लोगों ने सूखे रेत पर करीब चार फीट लंबा घड़ियाल देखा, जिसको देख लोगों में भय का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार नगर में किसी व्यक्ति की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। मृतक के अंतिम संस्कार में पहुंचे लोगों ने गंगा के रेतीले मैदान पर एक घड़ियाल को देखा। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची वन विभाग टीम ने काफी तलाश की, लेकिन घड़ियाल नहीं मिला।
वन क्षेत्राधिकारी मोहन सिंह बिष्ट का कहना है कि घड़ियाल मिलने की सूचना पर टीम को मौके पर भेजकर तलाश कराई गई थी, लेकिन घड़ियाल नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि जल की कमी होने के कारण या फिर कभी कभी धूप सेकने के लिए इस तरह के जीव जंतु बाहर आ जाते है, जो कुछ समय बाद फिर वापस नदी में चले जाते हैं।
जलीय जीवों के लिए होने चाहिए 12 फीट पानी
पर्यावरणविद् भारत भूषण गर्ग ने बताया कि रामसर साइट में 50 घड़ियाल और 40 डॉल्फिन हैं। दोनों जलीय जीवों के लिए करीब 12 फीट पानी नदी में होना चाहिए। जल कम होने पर यह जीव गहरे जल की तरफ को प्रस्थान कर जाते हैं। इसके अलावा दूषित पानी के कारण भी पानी से बाहर निकल आते हैं। वहीं घड़ियाल जैसे जीव कभी-कभी धूप सेकने के लिए भी पानी से बाहर निकल आते हैं।