नीति आयोग और एनएमसीजी की टीम ने पूठ का दौरा किया
गढ़मुक्तेश्वर। नीति आयोग समेत एनएमसीजी की टीम ने गांव पूठ समेत आसपास के क्षेत्र का दौरा किया। टीम ने गंगाघाट के विकास समेत प्राचीन अवशेषों का जीर्णोद्धार कार्य जल्द आरंभ होने की बात कही।
पिछले दिनों दिल्ली के नीति आयोग भवन में आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने गढ़ तहसील क्षेत्र के पुरातन और देश के प्रथम गंगा ग्राम पुष्पावती पूठ के विकास के संबंध में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। जिन्होंने जल्द विकास कार्यों का खाका बनाकर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। जिसके चलते शुक्रवार को नीति आयोग के वरिष्ठ आईएएस आरपी सिंह के नेतृत्व में एनएमसीजी के वरिष्ठ अधिकारी ओपी शर्मा, नीति आयोग उपाध्यक्ष के निजी सचिव गोपाल दत्त, पर्यटन विभाग की क्षेत्रीय अधिकारी अंजू चौधरी और सीडीओ हापुड़ उदय सिंह की टीम ने पुष्पावती पूठ और आलमनगर के समग्र विकास के लिए दौरा किया। टीम ने गंगा तट समेत आसपास के क्षेत्र में प्राचीन गुंबदों और अवशेषो का भी निरीक्षण किया। वहीं सरकारी स्कूलों पंचायत घर समेत अन्य विकास कार्यों का भी जायजा लिया।
इस दौरान मुख्य रूप से गंगा घाट के विकास के लिए एक विस्तृत कार्य योजना तैयार की गई। इस संबंध में लोक भारती के प्रांत संयोजक भारत भूषण गर्ग ने पर्यटन विभाग की क्षेत्रीय अधिकारी अंजू चौधरी, कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर सुनील कुमार दोहरे, जल निगम के एसके जैन, एनएमसीजी के वरिष्ठ अधिकारी ओपी शर्मा के समक्ष ऐतिहासिक महत्व के साथ-साथ यहां बनने वाले घाट के निर्माण के बारे में बताया। जिसे अधिकारियों ने मानते हुए यह तय किया कि जो प्राचीन गुंबद और प्राचीन अवशेष हैं उनके नीचे तक घाट का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि घाट की चौड़ाई लगभग 25 मीटर और लंबाई सवा सौ से डेढ़ सौ मीटर के बीच में तय की गई है। संपूर्ण क्षेत्र के सुंदरीकरण की जिम्मेदारी पर्यटन विभाग को सौंपी गई। जिसमें विशेष रूप से पार्क, हाईमास्ट लाइट, स्टोन बेंच, टैक्सी स्टैंड और वाटर कूलर का निर्माण कराया जाएगा।
पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन जोध कुमार ने बताया कि कुटी-बहादुरगढ़ मार्ग के चौड़ीकरण की स्वीकृति मिल चुकी है। जिसे नाबार्ड के सहयोग से जल्द बनवाया जाएगा।
टीम ने आंगनबाड़ी जिला कार्यक्रम अधिकारी ज्ञान प्रकाश तिवारी समेत अन्य लोगों से भी पूछताछ की। वहीं डीएचओ एसके शर्मा, डीडी एग्रीकल्चर वीके द्विवेदी ने बताया कि गढ़मुक्तेश्वर में कुकरबिट(बेल)श्रेणी की फसल अधिक उगाई जाती है। इस कारण इस क्षेत्र में इसी फसल को प्रमोट किया जाएगा। मौके पर बीएसए अर्चना गुप्ता, बीईओ पंकज कुमार, संजीव कुमार शर्मा, मूलचंद आर्य, महेश केवट, ग्राम प्रधान दीन मोहम्मद समेत ग्रामीण भी मौजूद रहे।