निजीकरण के विरोध में उतरे रोडवेज कर्मचारी
गढ़मुक्तेश्वर। उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम के निजीकरण के विरोध में गढ़ रोडवेज डिपो के कर्मचारियों ने सीएम के नाम एआरएम के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा। वहीं ऐसा होने की दशा में उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
गढ़ रोडवेज बस स्टैंड परिसर में बृहस्पतिवार को यूपी रोडवेज एम्पलॉइज यूनियन की गढ़ शाखा की बैठक हुई। जिसमें शाखा अध्यक्ष अमर सिंह और मंत्री देवेंद्र चौहान ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम प्रदेश का ही नहीं बल्कि पूरे भारत का एक सशक्त निगम है। उप्र में केवल 67 प्रतिशत ही राष्ट्रीयकृत मार्ग हैं, जबकि महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश और हरियाणा में लगभग शत प्रतिशत राष्ट्रीयकृत मार्ग हैं। परिवहन निगम द्वारा प्रतिवर्ष निजी बसों से चार गुणा अधिक टैक्स प्रदेश सरकार को दिया जाता है। उप्र में इनता कम मार्ग राष्ट्रीयकृत होने के बावजूद भी भारत के सभी परिवहन निगमों में उत्तर प्रदेश राज्स सड़क परिवहन निगम प्रथम स्थान बनाए हुए हैं।
वहीं कोविड-19 जैसी महामारी के दौरान भी परिवहन निगम के अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा रात दिन मेहनत कर प्रवासी मजदूरों को उनके गंतव्यों तक पहुंचाकर प्रदेश सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों का शत प्रतिशत अनुपालन किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राष्ट्रीयकृत मार्गों पर 25 प्रतिशत परिवहन निगम के बसें कम कर निजी वाहन स्वामियों की बसे चलाना चाहती है, वहीं तहसील एवं ब्लॉक से जिला मुख्यालय तक 25 सीटर वातानुकूलित निजी वाहन स्वामियों की बसें भी चलाना चाहती है। जो निगम के विरुद्ध है। जिससे कर्मचारियों में विश्वसनीयता का अभाव और असंतोष उत्पन्न होने लगा है। बैठक के बाद सीएम के नाम कर्मचारियों ने एआरएम के प्रतिनिधि लेखाकार राजकुमार को एक ज्ञापन सौंपा। जिसमें निजीकरण का निर्णय वापस न लिए जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
इस मौके पर अमर सिंह, ललित कुमार, श्यौराज सिंह, अमरीश कुमार, राधे, प्रदीप शर्मा, सुरेंद्र कुमार, रमन आदि कर्मचारी मौजूद रहे।