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20 करोड़ मरम्मत में खर्च करने पर भी जर्जर है गंगा पुल

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ब्रजघाट गंगा पुल पर लगी बैरिकेडिंग। - फोटो : GARH
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20 करोड़ मरम्मत में खर्च करने पर भी जर्जर है गंगा पुल
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गढ़मुक्तेश्वर। ब्रजघाट गंगा पुल की मरम्मत में 20 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं लेकिन अभी तक यह पुल चालू नहीं हो सका है। पिछले आठ साल में पुल की पांच बार मरम्मत कराई गई लेकिन कभी पिलर धंसने तो कभी सड़क टूटने के चलते पुल बंद कर दिया गया। पिछले छह माह से भी पुल मरम्मत की आस में बंद पड़ा हुआ है लेकिन जिम्मेदार विभाग मानों कुंभकरणी नींद में है। आए दिन हो रहे हादसे व लगने वाले जाम से भी जिला प्रशासन सबक नहीं ले रहा है।
ब्रजघाट गंगा के पुराने सड़क पुल का निर्माण अंग्रेजों की गुलामी से मुक्ति मिलने के बाद हुआ था, जिसका उद्घाटन देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने 1962 में किया था। लंबे समय तक यग पुल लोगों के लिए आवागमन का जरिया बना रहा। बुरी तरह जर्जर हालत में होने पर एनएचएआई की सिफारिश पर वर्ष 2012 में इसे बंद करते हुए दोनों साइडों में दीवार लगा दी गई तथा नए पुल से वाहनों का आवागमन शुरू कराया। इसके बाद एनएचएआई ने साढ़े सात सौ मीटर लंबे पुराने पुल की मरम्मत कराने का बीड़ा उठाया और करीब बीस करोड़ की रकम खर्च कर पुल की मरम्मत कराई। एक अप्रैल 2017 को प्रारंभ हुआ मरम्मत का काम पूरा होने पर 11 मार्च 2019 को पुराना पुल चालू कराया गया। जिसका शुभारंभ परियोजना निदेशक विनय बंसल और डीजीएम मोहम्मद खालिद ने किया। लेकिन दो दिन बाद ही 13 मार्च 2019 को पुल की सड़क उखड़नी शुरू हो गई। जिसके चलते 18 मार्च को एक बार फिर पुल पर आवागमन बंद करना पड़ा। तीन जुलाई 2019 को सड़क की मरम्मत कराते हुए एनएचएआई ने फिर से पुल पर आवागमन चालू करा दिया। लेकिन फिर से पुल की सड़क ने धोखा दे दिया, 16 अगस्त को सड़क दोबारा उखड़ गई, पांच बार मरम्मत होने के बाद भी सड़क सहीं ढंग से नहीं बन सकी, जिसके चलते पुल की क्षतिग्रस्त सड़क पर ही वाहनों का आवागमन होता रहा। इस संबंध में एनएचएआई पीडी विनय बंसल से वार्ता करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन तक रिसीव नहीं किया। वहीं एसडीएम विजयवर्धन तोमर ने बताया कि एनएचएआई के अधिकारियों को इस संबंध में पत्र भेजा गया है।
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विधायक डॉ. कमल सिंह मलिक का कहना है कि ब्रजघाट लाखों लोगों की आस्था का प्रतीक है। यहां का विकास सर्वोपरि है। गंगा के पुराने पुल का मामला विधानसभा में उठाया जाएगा।
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भाकियू मंडल प्रवक्ता दिनेश खेड़ा ने कहा कि पुल की मरम्मत का काम जल्द से जल्द पूरा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि काम जल्द पूरा नहीं हुआ, तो भाकियू रणनीति बनाकर एनएचएआई के खिलाफ आंदोलन करेगी।
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