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बिहूनी के गन्ना क्रय केंद्र पर हो रही घटतौली को लेकर ग्रामीणों ने हंगामा किया

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गन्ना क्रय केंद्र पर घटतौली के विरोध में ग्रामीणों ने किया हंगामा
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गढ़मुक्तेश्वर। गांव बिहूनी में गन्ना क्रय केंद्र पर हो रही घटतौली से नाराज किसानों ने हंगामा करते हुए तोल रुकवा दी। सूचना के बाद मौके पर पहुंचे गन्ना समिति सचिव ने किसानों को शांत कराया। वहीं मामले की जांच पड़ताल का आश्वासन दिया।
गढ़ क्षेत्र के गांव बिहूनी में गन्ना किसानों के लिए सिंभावली शुगर मिल द्वारा क्रय केंद्र बनाए हुए हैं। आसपास के गांवों के किसान अपना गन्ना क्रय केंद्र पर डालते आ रहे है। मंगलवार को गांव बिहूनी के किसान सुधीर त्यागी अपनी बुग्गी से गन्ना लेकर क्रय केंद्र पर पहुंचे। क्रय केंद्र पर बुग्गी की तौल कराने पर वजन 28 क्विंटल 40 किलो दिखाई पड़ा, जिससे किसान को संदेह हुआ। जिसके बाद किसान बुग्गी लेकर निजी कांटे पर पहुंचा, जहां तौल कराने पर वजन 30 क्विंटल के करीब निकला। जिससे किसान में रोष उत्पन्न हो गया। जिसने ग्राम प्रधान मेजर भीष्म त्यागी को दी। सूचना मिलने के बाद ग्राम प्रधान समेत दर्जनों किसान क्रय केंद्र पर पहुंच गए। जिन्होंने क्रय केंद्र पर हंगामा करते हुए तोल बंद करा दी। ग्रामीणों ने शुगर मिल प्रबंधन पर भी मिली भगत का आरोप लगाया। जिसके बाद गन्ना विभाग के अधिकारी डीपी सिंह अपने साथ मेकेनिक को लेकर मौके पर पहुंचे। जिन्होंने किसानों को बताया कि तकनीकी खराबी के चलते कुछ अंतर है, जिसे ठीक कराने का आश्वासन दिया। लेकिन किसानों ने गन्ना समिति सचिव के न आने तक तौल चालू न होने देने की घोषणा कर दी। सूचना के बाद मौके पर पहुंचे गन्ना समिति सचिव राकेश पटेल ने किसानों को समझा कर शांत कराते हुए कांटे की जांच कराई। इस दौरान सुशील, आदेश, अमित, अनिल, जयकुमार, मूलचंद, अभयराम, अनुज, संजू, दीपक, हिरदेश, परमा, सोनू, केशव, मोहित, राहुल समेत दर्जनों किसान मौजूद रहे। गन्ना समिति सचिव राकेश पटेल ने बताया कि कांटे में तकनीकी खराबी आने के कारण गन्ने के तौल में थोड़ा बहुत अंतर आ जाता है, उसकी जांच कराई जा रही, किसानों की समस्या का समाधान करा दिया गया है।
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क्या कहते है किसान
- किसान प्रेम सिंह ने कहा कि गन्ना क्रय केंद्रों पर मिल प्रबंधन की सांठगांठ के चलते घटतौली हो रही है। सेंटरों पर तैनात तोलकर्मी घटतौली कर कई कुंतल की हेराफेरी कर देते है। जिसके कारण किसानों को नुकसान भी उठाना पड़ता है।
- सुरेंद्र कुमार ने कहा कि गन्ना क्रय केंद्र पर मशीन में तकनीकी खराबी आने पर गन्ना हमेशा कम ही यों तुलता है। मशीन की खराबी के चलते वजन अधिक भी दर्शाया जाना चाहिए। इससे पता चलता है कि मशीनों में जानबूझ कर गड़बड़ी की जाती है।
- परमा चौहान ने कहा कि इतनी मेहनत करने के बावजूद जैसे तैसे गन्ने की पर्ची मिलती है, जिसके बाद क्रय केंद्र पर किसान अपना गन्ना डालने के लिए पहुंचता है, लेकिन क्रय केंद्र पर भी किसानों का उत्पीड़न किया जाता है।
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- जय कुमार ने कहा कि क्रय केंद्र पर तौल के दौरान प्रत्येक किसान का एक से दो कुंतल गन्ना कम कर दिया जाता है। जिसके चलते किसान को काफी नुकसान झेलना पड़ता है।
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