तहसीलदार के खिलाफ अधिवक्ता का धरना-प्रदर्शन जारी
गढ़मुक्तेश्वर। तहसीलदार के तबादले की मांग को लेकर अधिवक्ताओं की हड़ताल तीसरे दिन भी लगातार जारी रही। अधिवक्ताओं ने जल्द तबादला न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
गढ़ बार एसोसिएशन और बार एसोसिएशन गढ़मुक्तेश्वर के अधिवक्ताओं ने तहसीलदार सुरेंद्र सिंह के अभद्र व्यवहार और कार्यप्रणाली के विरोध में मंगलवार को कामकाज बंद कर हड़ताल की घोषणा की थी, वहीं तहसीलदार कार्यालय पर तालाबंदी भी कर दी थी। अधिवक्ताओं के दोनों गुटों ने एक राय होकर तहसीलदार का तबादला न होने तक आंदोलन जारी रखने का भी एलान किया था। जिसके चलते बृहस्पतिवार को तीसरे दिन भी अधिवक्ताओं की हड़ताल जारी रही। अध्यक्ष कृष्णलाल चौहान और कुंवरपाल सिंह के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने तहसील मुख्यालय में एकत्र होकर एसडीएम और तहसीलदार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। केएल चौहान का कहना है कि तहसील मुख्यालय में भ्रष्टाचार का बोलबाला है, अधिकारी अधिवक्ताओं समेत वादकारियों से अभद्रता कर रहे हैं। जिसे बार एसोसिएशन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। कुंवरपाल सिंह ने कहा कि अभद्रता और दुर्व्यवहार के मामले में एसडीएम भी बिना जांच किए ही तहसीलदार का पक्ष ले रहे हैं, जो निंदनीय है। अधिवक्ताओं का कहना है कि यदि जल्द ही तहसीलदार का तबादला अन्यत्र नहीं किया गया, तो वह उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
हड़ताल में प्रवेश चौहान, चंद्रशेखर शर्मा, मोहित गुप्ता, पवन कंसल, मोहम्मद कलीम खान, आनंद भाटी, बलराज त्यागी, सुबोध त्यागी, चौधरी अमरपाल सिंह, सत्यप्रकाश चौहान, महताब अली, चंद्रशेखर चौहान, सतेंद्र चौधरी, कृपाल सिंह चौहान, मिलिन कुमार, शाकिर अली, कलीम खान, सुरेंद्र सिंह, ओमपाल मावी, शीशपाल सिंह, अनुज कुमार, कृष्ण कुमार प्रजापति, रिजवान अहमद, पीयूष गोयल, विकास गोयल, संजीव कुमार चौहान, सुहेल आलम, अवनीश चौहान, हेमंत गौड़, निरंजन राणा, राजवीर सिंह राणा, अरुण कुमार भारद्वाज, सीएस यादव, अशरफ अली, बीबी गर्ग समेत दर्जनों अधिवक्ता मौजूद रहे।
एसडीएम विजयवर्धन तोमर का कहना है कि तहसीलदार पर लगाया गया अभद्रता का आरोप निराधार है, फिर भी अधिवक्ताओं की शिकायत की जांच की जाएगी। जिसमें सत्यता पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।