रिश्वत लेते कानूनगो को रंगे हाथ दबोचा
गढ़मुक्तेश्वर। शुक्रवार को एंटी करप्शन की टीम ने गढ़ तहसील में कृषि भूमि में नाम दर्ज कराने के लिए 12 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रजिस्ट्रार कानूनगो को दबोच लिया। इस कार्रवाई से वहां हड़कंप मच गया। एंटी करप्शन की टीम ने गढ़ थाने में आरोपी कानूनगो के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
जनपद मुजफ्फरनगर के थाना ककरौली क्षेत्र के गांव कटिया निवासी चतरपाल ने गढ़ तहसील में कार्यरत रजिस्ट्रार-कानूनगो सीताराम के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी। जिसने बताया कि उसकी बेटी रेखा की शादी सिंभावली क्षेत्र की ग्राम पंचायत अनूपुर डिबाई के माजरे शुक्लमपुरा निवासी भरत से हुई थी। जिसने दो साल पहले वहां तीन बीघा कृषि भूमि खरीदी थी। जिसकी फर्द में अपने बेटे लक्ष्य का नाम चढ़वाने के लिए रेखा ने तहसील में आवेदन किया था। चतरपाल का कहना है कि फर्द में नाम चढ़वाने के लिए रजिस्ट्रार कानूनगो ने 12 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। एंटी करप्शन मेरठ के एसपी राजीव मल्होत्रा ने टीम का गठन का कार्रवाई का निर्देश दिया। राजीव मल्होत्रा के निर्देश पर टीम इंचार्ज इंस्पेक्टर चंद्रभान शर्मा के नेतृत्व में यतेंद्र शर्मा, अशोक शर्मा समेत टीम शुक्रवार को करीब साढ़े तीन बजे तहसील मुख्यालय पहुंच गई। जहां रेखा और उसके पिता चतरपाल ने फोन पर रजिस्ट्रार कानूनगो को तहसील परिसर में बने बिजली निगम के दफ्तर के पास बुला लिया। जैसे ही रेखा के पिता ने सीताराम को 12 हजार रुपये थमाए, टीम ने उसे दबोच लिया। एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई से तहसील मुख्यालय में हड़कंप मच गया।
रजिस्ट्रार कानूनगो को दबोचने के बाद एंटी करप्शन टीम उसे गढ़ कोतवाली लेकर पहुंच गई। जहां पूछताछ करने के बाद टीम के इंचार्ज इंस्पेक्टर चंद्रभान शर्मा ने सीताराम के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है।
गढ़ कोतवाली प्रभारी राजपाल सिंह तोमर ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।