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हुईकोर्ट के आदेश से खिल उठे गन्ना किसानों के चेहरे

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हाईकोर्ट के आदेश से किसानों को जगी भुगतान की आस
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गढ़मुक्तेश्वर। गन्ना मूल्य का भुगतान न होने से किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन अब हाईकोर्ट के आदेशों से किसानों के चेहरे खिल उठे है। हाईकोर्ट ने लापरवाह अधिकारियों को फटकार लगाते हुए प्रदेश सरकार को एक माह में बकाया गन्ना भुगतान ब्याज समेत कराने का निर्देश दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गन्ना किसानों के भुगतान पर अधिकारयों के रवैये की आलोचना करते हुए कहा है कि भुगतान न करना केवल किसानों का उत्पीड़न है, जबकि अनावश्यक मुकदमेबाजी में धकेलना भी है। लंबे समय से भुगतान न होने से किसानों का उत्पीड़न हो रहा है। हाईकोर्ट ने महानिबंधक को आदेश की प्रति मुख्य सचिव और गन्ना आयुक्त लखनऊ को उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। ब्याज समेत बकाया गन्ना भुगतान जल्द मिलने की आस से किसानों के चहेरे खिल उठे है।
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किसानों को जल्द भुगतान की उम्मीद --
भाकियू के मंडल प्रवक्ता दिनेश खेड़ा का कहना है कि शुगर मिल किसानों को गन्ने का भुगतान नहीं करते, जबकि किसानों पर बैंकों से लिए गए लोन के भुगतान का दबाव बनाया जाता है। जिससे किसानों का मानसिक उत्पीड़न किया जाता है, लेकिन अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद भुगतान मिलने की आस जग गई है।
भाकियू के राष्ट्रीय सचिव चौधरी सतबीर सिंह का कहना है कि मिल के अफसर भुगतान को लेकर गंभीर नहीं हैं। लेकिन हाईकोर्ट का आदेश मिलने के बाद एक माह के अंदर किसानों को ब्याज समेत बकाया गन्ना भुगतान मिलना निश्चित हो गया है। जिससे किसानों को आर्थिक तंगी नही झेलनी पड़ेगी।
किसान अरुण त्यागी का कहना है कि हाईकोर्ट का आदेश गन्ना किसानों के लिए राहत भरा है। अगर शुगर मिल एक माह के अंदर किसानों का पेमेंट दे देती है, तो किसान कर्ज के बोझ से छुटकारा पाने के साथ ही बच्चों की बकाया फीस भर सकेगा।
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किसान शिवकुमार तोमर ने कहा कि यदि किसानों को सही समय पर गन्ना पेमेंट मिलता रहे, तो किसान परेशान नहीं होगा। अपने परिवार के लिए सभी आवश्यक चीजों की पूर्ति समय पर कर पाएगा। हाईकोर्ट का आदेश किसानों के लिए खुशी का संदेश लेकर आया है।
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