रक्षाबंधन के मद्देनजर बाजारों में चहल पहल और रंगत बढ़ी
दुकानों पर रंग बिरंगी राखियों की खरीदारी जोरों पर
माई सिटी रिपोर्टर
गढ़मुक्तेश्वर। भाई-बहन के पवित्र और अटूट रिश्ते के प्रतीक रक्षा बंधन पर्व को लेकर बाजारों में चौतरफा रंगत और चहल पहल बढ़ती जा रही है, वहीं आकर्षक ढंग में सजाई गईं दुकानों पर विभिन्न ब्रांडों की राखियों की बिक्री जोरों पर चल रही है।
गढ़, चौपला, ब्रजघाट, डेहरा कुटी, बहादुरगढ़, सिंभावली, बक्सर, नानपुर, झड़ीना समेत समूचे क्षेत्र में रंग बिरंगी राखियों की बिक्री जोरों पर है। जिससे बाजारों में चहल पहल और रंगत नजर आने लगी है। रक्षाबंधन के मद्देनजर महिलाओं का अपने मायकों आना भी प्रारंभ हो चुका है, लेकिन इसके बाद भी यूपी परिवहन निगम ने अतिरिक्त बसों का संचालन नहीं किया है। जिससे महिलाओं को आवागमन में अनावश्यक दिक्कत झेलने के साथ ही डग्गामार वाहनों में सफर करने को मजबूर होना पड़ रहा है। एआरएम संदीप अग्रवाल का कहना है कि रक्षा बंधन के मद्देनजर गढ़ डिपो से सभी मार्गों पर संचालित होने वाली बसों के फेरों में बढ़ोतरी की गई है।
--कोई बहाना न कर जाना अबकी राखी पर।
गढ़ में आयोजित रक्षाबंधन गोष्ठी में युवा शायर बदरुद्दीन दानिश की रचना -कोई बहाना न कर जाना अबकी राखी पर, दीदी घर जल्दी आ जाना अबकी राखी पर। पिछली राखी दीदी तुमने चिट्ठी में भिजवाई थी, वो चिट्ठी राखी के दिन से दो दिन पीछे आई थी। फिर से मुझको नहीं रुलाना अबकी राखी पर, दीदी जल्दी घर आ जाना अबकी राखी पर’ को श्रोताओं ने जमकर सराहा। इस मौके पर हाजी कमरू कुरैशी, प्रिंस, राजकुमार, माजिद, प्रशांत, लालू, प्रमोद, गोविंद समेत दर्जनों लोग मौजूद रहे।