सावन का आखिरी सोमवार आज, जलाभिषेक की तैयारियां पूरी
गढ़मुक्तेश्वर। सावन के आखिरी सोमवार को भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करने के लिए भक्त तैयार हैं। मंदिरों में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। गंगानगरी में बड़ी संख्या में शिवभक्त पहुंच रहे हैं। बम बम भोले और हर हर महादेव के जयकारे गूंजने से गंगानगरी फिर से शिवमई वातावरण में परिवर्तित हो गई है।
जनपद अमरोहा, संभल, मुरादाबाद, बिजनौर, बरेली, रामपुर, पीलीभीत में सावन मास के प्रत्येक सोमवार को भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करने की विशेष धार्मिक मान्यता प्रचलित है। जिसके चलते आखिरी सोमवार को आज होने वाले जलाभिषेक के मद्देनजर उक्त जनपदों के शिवभक्त ब्रजघाट गंगा से कांवड़ों में जल भरकर अपने गंतव्यों को लौट रहे हैं। शिवभक्तों का हुजूम उमडने से गंगानगरी समेत नेशनल हाईवे पर बम बम भोले और हर हर महादेव के जयकारे गूूंज रहे हैं। कांवड़ और उन्हें सजाने वाले सामान समेत भगवा कपड़ों की रिकॉर्डतोड़ बिक्री होने से बाजार में भी हर तरफ रौनक बढ़ गई है। गंगा सेवा समिति अध्यक्ष विनय मिश्रा, गंगा सबा अध्यक्ष अशोक नागर, मुकेश गुरु, राकेश शर्मा, मनोज गोयल, हेमंत गौड़ का कहना है कि सावन के आखिरी सोमवार को होने वाले जलाभिषेक के मद्देनजर रविवार की सुबह से लेकर देर शाम तक ब्रजघाट गंगानगरी से 50 हजार से भी अधिक कांवड़ उठने का अनुमान है, जबकि हजारों शिवभक्त गंगानगरी की धर्मशाला, आश्रम और मंदिर परिसरों में पड़ाव डाले हुए हैं जो रात होने पर कांवड़ लेकर वापसी करेंगे।
सदियों से चली आ रही मान्यता
- प्राचीन पंचायती मंदिर के पुजारी पंडित सुरेंद्र प्रकाश शर्मा, भद्रकाली मंदिर के पुजारी पंडित रमाशंकर तिवारी और तीर्थ पुरोहित पंडित राजकुमार लालू ने बताया कि गंगा पार के जनपदों में सावन मास के प्रत्येक सोमवार को भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करने की विशेष धार्मिक मान्यता सदियों से चली आ रही है। जिसके मद्देनजर सावन के चौथे और आखिरी सोमवार को जलाभिषेक करने वाले शिवभक्तों का ब्रजघाट गंगानगरी में तांता लगा हुआ है।
हाइवे पर बंद रहा भारी वाहनों का आवागमन
- रोडवेज बस से साइड लगने पर हुए हंगामे के मद्देनजर तीसरे दिन भी हाईवे पर भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद कर रहा, जिससे ट्रकों को लंबा फेर काटकर तयशुदा वैकल्पिक रास्तों से होकर निकलना पड़ रहा है। वहीं गढ़ क्षेत्र में सड़कों के किनारे हजारों ट्रकों समेत मालवाहक वाहनों की कतार लगी हुई हैं। फल सब्जी दूध और अंडों जैसा जल्द खराब होने वाला सामान लेकर दिल्ली को जाने वाले वाहन लंबा फेर काटकर पहले से तयशुदा वैकल्पिक रास्तों से होकर आ जा रहे हैं।
कोट
इंस्पेक्टर राजपाल सिंह तोमर का कहना है कि सावन के आखिरी सोमवार के मद्देनजर गंगा पार के जनपदों से ब्रजघाट गंगानगरी में आ रहे कांवडिय़ों की सुरक्षा में कोई भी चूक नहीं होने दी जाएगी, जिसके तहत हाईवे पर भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद कर उन्हें वैकल्पिक रास्तों से निकाला जा रहा है।
कांवड़ भरने के दौरान डूब रहे पांच कांवड़ियों को बचाया गया
- गंगानगरी में कांवड़ भरने के दौरान पांच कांवड़िए पानी के तेज बहाव में डूबने लगे। इस दौरान लोगों के शोर मचाने पर गोताखोरों ने गंगा में डूब रहे शिवम, रोहित, राजेंद्र, सुधीर और संतोष निवासी मुरादाबाद को बचा लिया। बचाने वालों में निजी गोताखोर रोहित, सौराज, बिल्लू, भोलू, मोहन शामिल रहे।