आलमनगर के जंगल में तेंदुए ने किसान पर किया हमला
गढ़मुक्तेश्वर। बहादुरगढ़ क्षेत्र के आलमनगर के जंगल में एक किसान पर तेंदुए ने हमला कर दिया। इस दौरान वहां काम कर रहे अन्य किसानों ने तुरंत इसकी इसकी जानकारी गांवोदी। सूचना मिलते ही ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। लाठी डंडे लेकर ग्रामीणों ने तेंदुए को काफी तलाश किया लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
शनिवार की सुबह राहुल, लहरी, ब्रह्मपाल, श्यौराज, लखपत, प्रभात, देव, पीतम देवेंद्र समेत कई किसान फसलों में कामकाज कर रहे थे। इसी दौरान गन्ने की फसल से निकले तेंदुए ने किसानों पर झपट्टा मार दिया मगर भाग्यवश किसान उसकी चपेट में आने से बाल बाल बच गए। तेंदुए का हमला होने से बुरी तरह खौफजदा किसानों ने इस संबंध में मोबाइल से गांव को सूचना कर दी, जिस पर गांव के दर्जनों ग्रामीण हाथों में लाठी डंडे लेकर आनन फानन में मौके पर पहुंच गए, जिन्होंने आसपास के खेतों में खड़ी गन्ने की फसल को घेरकर करीब तीन घंटों तक बारीकी से खोजबीन की मगर तेंदुआ अथवा उसके जैसे किसी भी जंगली जानवर का कोई भी अता पता नहीं लग पाया। पूर्व प्रधान कालीचरण चौहान, राकेश, निरंजन, सर्वेश सिंह का आरोप है कि इससे पहले गढ़ और सिंभावली क्षेत्र के भी कई गांवों में तेंदुआ दिखाई दिया है मगर वन विभाग धरपकड़ कराने की बजाए हर बार अनभिज्ञता जताकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेता है।
वन रेंजर मोहन सिंह बिष्ट का कहना है कि गांव आलमनगर में आयोजित कृषि मेले में विभागीय स्तर से स्टाल लगाई हुई थी, लेकिन तेंदुए के हमले के विषय में कोई सूचना नहीं दी। हालांकि इसके बाद भी अब विभागीय टीम भेजकर जांच कराई जाएगी।
पिंजों के निशानों के नमूने लेकर उन्हें जांच को प्रयोगशाला में भिजवाया जाएगा। जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही यह पता लग पाएगा कि जिस जानवर को किसान तेंदुआ बता रहे हैं वह आखिर कौन सी प्रजाति से जुड़ा है।