गन्ने में लगने वाली बीमारियों को ट्राइकोडर्मा कार्ड से रोकें
गढ़मुक्तेश्वर। गन्ने की फसल में तबाही मचाने वाले शत्रु कीटों से निपटने के लिए मित्र कीटों को प्रोत्साहन देने वाली ट्राइकोडर्मा कार्ड योजना किसानों के लिए बेहद कारगर साबित हो रही है, जिससे फसल का उत्पादन भी बढ़ता है और मिट्टी की उपजाऊ शक्ति भी प्रभावित नहीं होती।
इसके तहत गन्ने की फसल की पत्ती में कार्ड लगाए जाते हैं। जिनसे निकलने वाले मित्र कीट हमला बोलकर शत्रु कीटों को निगलकर उनका अस्तित्व ही समाप्त कर देंगे, जिससे शत्रु कीटों से होने वाले नुकसान की मार से गन्ने की फसल पूरी तरह सुरक्षित बच जाएगी और किसानों को उन्नत पैदावार मिलने के साथ ही कीटों से होने वाली बीमारी के झंझट से भी पूरी तरह मुक्ति मिलेगी। किसान शिवकुमार तोमर, चुन्ने खां, मदहत अली का कहना है कि ट्राइकोडर्मा कार्ड योजना किसानों के लिए अच्छी सौगात है, क्योंकि गन्ने की फसल में लगने वाली बीमारियां रुकने से उत्पादन बढ़ेगा और कीटनाशक दवाओं के छिड़काव पर खर्च किए जाने वाले पैसे की बचत भी होती है।
ऐसे काम करती है ट्राइकोडर्मा कार्ड विधि।
-कार्ड को गन्ने के पौधे की नीचे वाली पत्ती के निचले भाग में लगाया जाता है।
-इस कार्ड को लगाने के बाद एक निश्चित तापमान मिलते ही उसमें से मित्र कीट बाहर आ जाते हैं, जो फसल में नुकसान करने वाले शत्रु कीटों को मारकर खा जाते हैं।
-इस विधि के कारगर परिणाम सामने आने से किसानों को गाढ़ी कमाई का पैसा कीटनाशकों के छिड़काव पर खर्च नहीं करना पड़ेगा।
-कीटनाशकों की तुलना में इस विधि का गन्ने की खेती पर कोई भी साइड इफैक्ट नहीं रहता है।
-प्राकृतिक तौर पर खाद बनाने वाले सूक्ष्म जीवाणुओं के सुरक्षित रहने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति पर भी बर्बाद नहीं होगी।
मुरादनगर कृषि अनुसंधान केंद्र के फसल सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ. एके यादव का कहना है कि ट्राइकोडर्मा कार्ड योजना कई साल से चल रही है, जिससे गन्ने की फसल में लगने वालीं बीमारियों पर अंकुश लगने के अलावा भी गन्ने के साथ सह फसली खेती करने वाले किसानों को कहीं अधिक मुनाफा मिलता है।