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हाइवे का बदरखा कट जल्द खुलेगा

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हाइवे का बदरखा कट जल्द खुलेगा
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गढ़मुक्तेश्वर। तीन गांवों के हजारों ग्रामीणों की परेशानी और सड़क हादसों में बढ़ोतरी की अहम वजह बन रहा हाइवे का बदरखा कट जल्द खुलेगा। एआरटीओ ने भाकियू नेताओं के साथ मौके का निरीक्षण कर जल्द कट खुलवाने का भरोसा दिया।
दिल्ली लखनऊ हाइवे किनारे बसे जिन गांवों में पेचीदा भौगोलिक स्थिति के चलते फ्लाइओवर बनाए जाने मुमकिन नहीं हो पाए थे। इस दौरान उनमें रहने वालों के आवागमन के लिए अधिकृत कट छोड़े गए थे। जिनमें गढ़ क्षेत्र के गांव बदरखा के सामने वाले कट से होकर बदरखा, बिहूनी और करीमपुर के हजारों ग्रामीणों का आवागमन होता था, लेकिन उक्त कट को कार्तिक मेले के दौरान उमड़ने वाली भीड़ के मद्देनजर अहतियाती तौर पर बंद कर दिया गया था, लेकिन सात माह की अवधि बीतने के बाद भी एनएचएआई और कभी स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा अधिकृत कट को नहीं खोला जा सका है, जिससे गढ़ आने जाने के दौरान तीनों गांवों के हजारों ग्रामीणों को दोनों तरफ से करीब एक किलोमीटर का सफर उल्टी दिशा में होकर करना मजबूरी बनी हुई है। बंद कट न खुलने से हादसों में बढ़ोतरी होने पर भाकियू लगातार विरोध जताती आ रही है।
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इसके मद्देनजर सोमवार को एआरटीओ महेश शर्मा तहसील मुख्यालय में पहुंचे। जहां एसडीएम राममूर्ति त्रिपाठी की मौजूदगी में काफी देर तक वार्ता होने के बाद एआरटीओ भाकियू नेताओं समेत ग्रामीणों को साथ लेकर मौके पर पहुंचे। जिन्होंने बदरखा के सामने वाले बंद कट का बारीकी से निरीक्षण कर ग्रामीणों को आवागमन में हो रही दिक्कत के मद्देनजर बंद कट को बहुत जल्द खुलवाने का भरोसा दिया। इस दौरान भाकियू मंडल प्रवक्ता दिनेश खेड़ा, जिला महासचिव दिनेश त्यागी, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष बबली सिंह, प्रधान अफजाल, अय्यूब, मुबारक खां, हाजी आरिफ, सदाकत प्रधान, शुभम चौधरी, आस मोहम्मद, परवेज, नईम चौधरी समेत सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
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कट बंद होने के चलते हो चुके हैं कई हादसे
- बदरखा के सामने वाला स्वीकृत कट बंद होने बीस मई को गढ़ से दवा लेने आ रहे सिंभावली क्षेत्र के गांव मुरादपुर का हसरत बाइक को कट के पास डिवाइडर पार करा रहा था, तो इसी दौरान पीछे से आ रही फॉर्चनूर कार ने बाइक को चपेट में ले लिया था। इस हादसे में हसरत की पत्नी राजदा और चार माह के गोद लिए बेटे बिलाल की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप में घायल हसरत ने अगले ही दिन इलाज के दौरान मेरठ के अस्पताल में दम तोड़ दिया था। बंद कट न खुलने पर भाकियू ने दो सप्ताह पहले तहसील का घेराव कर बेमियादी धरना शुरू किया था, लेकिन एसडीएम राममूर्ति त्रिपाठी और सीओ अशोक शुक्ल ने मौके का निरीक्षण कर कट को जल्द खुलवाने का भरोसा देकर भाकियू का धरना स्थगित करा दिया था।
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