मुख्यमंत्री का दौरा खत्म, 24 घंटे भी नहीं महकने दिए किराए पर आए 800 पौधे
हापुड़। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिला अस्पताल में पौधशाला से किराए पर लाकर करीब 800 पौधे गड्ढे खोदकर लगाए थे, हरियाली की सीएम ने सराहना भी की थी। लेकिन यह हरियाली 24 घंटे भी नहीं रुक सकी, विभागीय कर्मचारी शनिवार को ही इन पौधों को उखाड़कर चलते बने, अस्पताल परिसर गड्ढों में तब्दील हो गया। बेसिक शिक्षकों की साज सज्जा भी उजड़ गई, अस्पताल फिर से पहले की तरह विरान लगने लगा।
वर्ष 2016 में दस्तोई रोड पर जिला अस्पताल का निर्माण शुरू हुआ था। शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अस्पताल का शिलांयास किया। उनके आगमन की तैयारी में अस्पताल को दुल्हन की तरह सजाया गया। अस्पताल के बाहर सैकड़ों पौधे रोपे गए, सभी पौधे गमलों में थे, जिन्हें पौधशाला से किराए पर लाया गया था।
सीएम ने जब अस्पताल परिसर में प्रवेश किया तो उन्हें लगा कि हापुड़ में पर्यावरण संरक्षण पर काम हो रहा है और हरियाली बढ़ रही है। लेकिन अधिकारियों ने परीक्षा में सिर्फ पास होने के लिए ऐसा माहौल बनाया। सीएम का निरीक्षण जैसे ही खत्म हुआ, साज सज्जा भी धुमिल होने लगी। शनिवार दोपहर तक अस्पताल परिसर में लगाए गए 800 से अधिक पौधे भी उखाड़ लिए गए।
अस्पताल प्रबंधन ने इन्हें रोकने का प्रयास किया तो पता चला कि इन पौधों को पौधशालाओं से किराए पर लेकर आया है। अस्पताल के बाहर और अंदर जहां एक दिन की हरियाली बनी थी, वहां गड्ढे ही गड्ढे दिखायी देने लगे।
वहीं, बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों ने भी अस्पताल के बाहर आकर्षक पेंटिंग, गमले लगाए लेकिन उनकी साज सज्जा भी बेरंग हो गई। अस्पताल पहले की तरह की वीरान दिखने लगा। बता दें सभी विभागों की जिम्मेदारी भी पर्यावरण संरक्षण की है, ऐसे में यदि इन पौधों को ऐसे ही लगा रहने दिया जाता तो अस्पताल की सुंदरता बढ़ती और पर्यावरण के संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता।
किराए पर उद्यान विभाग लाया था पेड़
उद्यान विभाग ने किराए पर लाकर पेड़ लगाए थे, इसकी जानकारी उन्हें तब हुई जब पेड़ उखाड़ रहे कर्मचारियों से जानकारी की। अस्पताल प्रबंधन ने भी परिसर में पौधे लगवाए हैं, जो अभी भी लहलहा रहे हैं। - डॉ. प्रदीप मित्तल, सीएमएस, जिला अस्पताल