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पत्नी के हत्यारे पति को आजीवन कारावास की सजा

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पत्नी के हत्यारे पति को आजीवन कारावास की सजा
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हापुड़। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट ने पत्नी की हत्या के मामले में आरोपी पति को दोषी करार दिया है। उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए पचास हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। वहीं, मृतका के देवर को साक्ष्य के आभाव में कोर्ट ने बरी कर दिया है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता नरेश चंद शर्मा ने बताया कि मोहल्ला साटा, बुलंदशहर निवासी शानू पुत्र यूनुस ने नौ जून 2019 को गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली में तहरीर दी। जिसमें उसने कहा कि उसकी बहन शमा का निकाह मुस्लिम धर्म के रीति रिवाज के अनुसार गांव बदरखा थाना गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली निवासी लताफत पुत्र रियासत के साथ हुआ था। दहेज की मांग को लेकर सुसराल पक्ष के लोग उसकी बहन को परेशान करते थे। जिसके चलते ही सुसराल पक्ष के लोगों ने उसकी बहन की हत्या कर दी है। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दहेज हत्या में दर्ज कर जांच शुरू कर दी। जिसमें पुलिस ने जांच में पाया कि उक्त मामले में पांच लोगों का कोई लेनादेना नहीं है। जिस पर पुलिस ने पांच लोगों के नाम रिपोर्ट से निकाल दिए। साथ ही पुलिस ने जांच में पाया निकाह को सात वर्ष से अधिक का समय हो गया है। इसलिए मामले को दहेज हत्या से हत्या में तब्दील कर दिया और पति लताफत व देवर नासीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र पेश किए। जिसके बाद मामले की सुनावाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट में चल रही थी। मुकदमे में वादी पक्ष के तरफ से बारह गवाह पेश किए गए। जिसमें से मात्र दो गवाह पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक व मामले के विवेचक पुलिस अधिकारी ने ही वादी के पक्ष में गवाही दी। बाकी के दस गवाह पक्षद्रोही हो गए और गवाही से मुुकर गए।
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उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट यह दर्शाया गया था कि मृतका शमा की मौत गला दबाने के कारण दम घुटने से हुई है। प्रतिवादी पक्ष द्वारा मौत का कारण सीढ़ियों से गिरने के कारण बताई जा रही थी। मृतका के शरीर पर चोट के कोई निशान पोस्टमार्टम के दौरान नहीं पाए गए। इन तथ्यों को उनके द्वारा कोर्ट में मजबूती के साथ रखा। न्यायाधीश मृदुल दुबे ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद शनिवार को मामले में निर्णय सुनाया। दोषी लताफत घटना के बाद से ही जेल में बंद है। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे मुकदमे की सुनवाई के दौरान जमानत नहीं दी थी।
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