पंद्रह अगस्त तक जिले में हाई अलर्ट, पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द
हापुड़। राम मंदिर भूमि पूजन, ईद, रक्षाबंधन और पंद्रह अगस्त को लेकर खुफिया एजेंसियों से मिल रहे इनपुट के बाद जिले में भी हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। किसी अप्रिय घटना को देखते हुए जिले को चार जोन और नौ सेक्टरों में बांटकर मजिस्ट्रेट तैनात कर दिए गए हैं वहीं पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। जिलें में पंद्रह अग्रस्त तक हाई अलर्ट रहेगा और इस दौरान पुलिस और पीएसी के जवान लगातार गश्त करते रहेंगे।
पांच अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन किया जाना है। इसके लिए खुफिया एजेंसियों द्वारा इनपुट मिला है कि इस दौरान कुछ तत्व माहौल खराब करने का प्रयास कर सकते हैं। पांच अगस्त को ही कश्मीर से धाराएं हटाने को भी एक वर्ष हो जाएगा। जबकि पंद्रह अगस्त का भी आतंकी हमले का खतरा बना हुआ है। इस स्थिति को देखते हुए जिले में एक अगस्त से पंद्रह अगस्त तक हाई अलर्ट घोषित किया गया है।
चार जोन और नौ सेक्टरों में बांटा जिला--
एएसपी सर्वेश कुमार मिश्रा ने बताया कि अलर्ट को देखते हुए जिले को चार जोन और नौ सेक्टरों में विभाजित किया गया है। संबंधित एसडीएम और सीओ को प्रत्येक जोन का प्रभारी बनाया गया है। जबकि संबंधित थानाध्यक्ष सेक्टर प्रभारी होंगे। सार्वजनिक स्थानों, मुख्य धार्मिक स्थलों और बाजारों के साथ संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात रहेगा। अधिकारी भी शांति व्यवस्था के बारे में पल पल की जानकारी लेते रहेंगे। प्रशासन द्वारा तैनात किए गए मजिस्ट्रेट भी अपने अपने क्षेत्रों को लेकर सक्रिय रहेंगे। पुलिस की संवेदनशील क्षेत्रों में हर हरकत पर नजर रहेगी। थाना प्रभारी अपने अपने क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाएंगे। रेेलवे स्टेशन, होटल, बस स्टैंड आदि पर विशेष रूप से निगरानी रहेगी।
क्यूआरटी की गई तैनात -
जिले में दंगा या दूसरी विषम परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रत्येक थाने पर एक-एक और जिला स्तर पर दो क्यूआरटी (क्विक रेस्पोंस टीम) गठित की गई हैं। प्रत्येक टीम पूरे पंद्रह अगस्त तक अलर्ट पर रहेगी। इसके अलावा संवेदनशील स्थानों की ड्रोन से निगरानी की जाएगी। लगातार अधिकारी शहर में गश्त करते रहेंगे। मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में लोगों के साथ बैठकें करके लोगों से शांति की अपील की जाएगी।
एएसपी सर्वेश कुमार मिश्रा ने बताया कि अलर्ट के दौरान जिले में शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। पुलिस बल तैनाती के साथ एलआईयू को भी सक्रिय कर दिया गया है। माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।